पीएनजी पीजी महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नजदीक आते ही मारपीट शुरू हो गई है। मंगलवार को एबीवीपी, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच महाविद्यालय परिसर में जमकर मारपीट हुई। लेकिन कॉलेज प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घटना में एबीवीपी का एक छात्रनेता गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे उपचार के लिये हल्द्वानी रेफर किया गया है।
दरअसल, फेसबुक पर कमेंट्स को लेकर एबीवीपी छात्रनेता सूरज रावत व एनएसयूआई समर्थक सचिन कुमार पुच्ची के बीच कहासुनी हो गयी। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। कॉलेज मैदान से शुरू हुई लड़ाई स्टेट हाईवे पर पहुंच गयी।
जिससे कुछ देर तक अफरा तफरी का माहौल रहा। बाद में मामला कोतवाली पहुंच गया। पुलिस को दी तहरीर में एबीवीपी के यतिन रौतेला ने सचिन कुमार पुच्ची, हर्षवर्धन पांडे, गगन मनराल, वाशु चौधरी, भीम सुनार, हर्षित उप्रेती, समीर अली के खिलाफ तहरीर सौंपी। जिस पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 323, 504, 506, 392 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वहीं, एनएसयूआई की ओर से सचिन कुमार पुच्ची ने एबीवीपी के सूरज रावत, रोबिन बिष्ट, यतिन रौतेला, नदीम अख्तर, दीप बेलवाल, रोहित मेहरा, हेमंत रावत, तेजपाल सिंह अधिकारी, पंकज नेगी, सुमित जोशी, श्याम सिंह रावत के खिलाफ तहरीर सौंपी।
जिस पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 148, 323, 504, 506 व एससीएसटी में मुकदमा दर्ज किया है। सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि दोनों ओर से तहरीर के आधार पर मुकदमे पंजीकृत कर लिये गये हैं। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
देर रात तक चलता रहा समझौते का प्रयास
एबीवीपी, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट का मामला कोतवाली पहुंचा तो वहां दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास शुरू हो गए। एनएसयूआई, एबीवीपी के संभावित उम्मीदवार के नाम तहरीर में आने से दोनों के समर्थक समझौते की पहल करते रहे। लेकिन कुछ को अपनी अपनी नेतागिरी चमकाने के चलते देर रात तक मामला नहीं सुलझ पाया।
कॉलेज से भागते नजर आए छात्र-छात्राएं
कॉलेज में हंगामा होते ही छात्र-छात्राएं भागते नजर आए। जिससे कॉलेज परिसर में सन्नाटा छाया रहा। वहीं घटना के बाद जब तक प्राध्यापक, पुलिस मौके पर पहुंची तब तक मामला शांत हो गया था।
38 हजार रुपये भी उड़ाए
दोनों पक्षों की मारपीट में एबीवीपी छात्रनेता सूरज रावत की जेब से 38 हजार रुपये की चोरी हुई है। ये रुपये छात्रों की फीस के थे। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।
प्रत्याशियों को मैदान से बाहर कराने का नया तरीका निकाला
जैसे जैसे प्रवेश प्रक्रिया खत्म हो रही है। वैसे वैसे कॉलेज में चुनाव का माहौल बनता जा रहा है। सभी संभावित प्रत्याशियों ने अपने अपने नाम के बैनर पोस्टर और होर्डिंग गली, मोहल्ले, चौराहे पर लगा दिये हैं।
लेकिन संभावित प्रत्याशियों को चुनाव न लड़ने के लिये एक नया हथकंडा शुरू हो गया है। संभावित प्रत्याशियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दे मुकदमा दर्ज कराकर चुनाव मैदान से बाहर कराने का नया तरीका निकाला गया है।
इसमें लिंगदोह समिति में साफ साफ लिखा है कि जिस किसी भी छात्र के खिलाफ कोतवाली, थाने में विवेचना चल रही हो वह प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ सकता। अब जब तक जांच होगी तब तक चुनाव हो चुके होंगे।