कोतवाली पुलिस द्वारा पकड़ी गई महिला और उसकी भतीजी को लेकर पुलिस दिनभर उधेड़बुन में रही। दोपहर में महिला के साथ पकड़े गए युवक और उसके पति का पुलिस ने शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। मजिस्ट्रेट ने दोनों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया। इसके बाद भोटिया पड़ाव चौकी पुलिस ने महिला को उसके पति को सौंप दिया। बाद में महिला के साथ उसकी भतीजी भी नेपाल चली गई।
चौकी प्रभारी नंदन सिंह रावत ने नेपाल ब्रह्मदेव निवासी खड़ग सिंह और महिला के साथ पकड़े गए युवक किच्छा निवासी अकील को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। मजिस्ट्रेट ने दोनों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया। एसएसआई इंदर सिंह राणा ने बताया कि अकील टनकपुर स्थित सैलून में काम करता था। वह नेपाल सेना से रिटायर्ड खड़ग सिंह की जनरल स्टोर की दुकान पर जाकर सौंदर्य प्रशासन का सामान खरीदता था। धीरे-धीरे खड़ग सिंह की पत्नी और अकील की नजदीकियां बढ़ गई। अकील ने सैलून खुलवाने और अच्छी जिंदगी बसर करने का सपना दिखाकर खड़क सिंह की पत्नी को वशीभूत कर लिया।
महिला 12 दिन पहले घर छोड़कर अकील के साथ हल्द्वानी और नैनीताल में रहने लगी। यहां आने पर तीन दिन पहले महिला को पता चला कि उसकी भतीजी हल्द्वानी के एक युवक के साथ भागकर पहले ही आ गई है। मुलाकात होने पर दोनों नैनीताल स्थित होटल में रहने लगी। इधर, खड़ग सिंह अपनी पत्नी को तलाशता हुआ मंगलवार को रोडवेज पहुंचा। यहां अकील से हाथापाई होने पर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। कोतवाली में खड़ग ने अपनी पत्नी को भरोसा दिलाया कि वह उसकी इच्छा के मुताबिक सैलून खोल देगा।
ह्यूमन ट्रैफिकिंग से बचने के लिए अपनाया चालान का रास्ता
महिला और उसकी भतीजी के पकड़ने के बाद मामला मानव तस्करी से जोड़ा जा रहा था। किच्छा और हल्द्वानी के दो युवकों ने नेपाली युवतियों को शादी का झांसा देकर बरगलाया। हल्द्वानी के युवक का पैसा खत्म होने के बाद वह युवती को नैनीताल स्थित होटल में छोड़कर भाग गया। यही हालत किच्छा के युवक की थी। पुलिस ने दोनों पक्षों का समझाया कि मुकदमा दर्ज होने पर दोनों देशों की पुलिस सक्रिय हो जाएगी। इस प्रकार कानूनी पेचीदगी में पुलिस को भी उलझना पड़ेगा। इसी कारण पुलिस ने चालान करने का शार्टकट रास्ता अपनाया।