गफूर बस्ती में सड़क पर खड़ी गर्भवती महिला की मंगलवार सरेशाम उसके ममेरे भाई ने चाकू से घोंपकर हत्या कर दी। घटना के बाद हत्यारा मौके से भागा लेकिन कुछ ही देर में पुलिस ने उसे धर दबोचा। गुस्साए लोगों ने आरोपी के पिता को भी पीट दिया। हत्या का कारण 15 दिन पहले 600 रुपये के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है।
गफूर बस्ती निवासी अब्दुल वहीद की बेटी बरखा (25) की शादी तीन साल पहले दिल्ली के महिपालपुर रमपुरी पहाड़ी निवासी बाइक मेकेनिक मोनू से हुई थी। वह तीन महीने की गर्भवती है और उसकी दो साल की बेटी तैय्यबा है। बरखा 20 जनवरी को मायके आई थी। मंगलवार की शाम साढ़े पांच बजे वह घर से 50 कदम दूर दुकान के सामने खड़ी थी। इस बीच उसका ममेरा भाई फैजान वहां पहुंचा और चाकू से हमला कर दिया। बरखा लहूलुहान होकर बेहोश हो गई। परिवार के लोग उसे अस्पताल लेकर गए लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वारदात से घटनास्थल पर भीड़ इकट्ठा हो गई। भीड़ ने आरोपी फैजान के घर पहुंचकर उसके पिता को पीट दिया। सपा नेता मो. शुएब ने गुस्साए लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। पुलिस ने भाग रहे फैजान को रेलवे लाइन से पकड़ लिया।
बरखा की छोटी बहन सोनम ने बताया तीन दिन पहले फैजान ने उसकी मां नूरजहां के सिर पर चीनी मिट्टी की प्लेट से हमला किया था। मां मुखानी चौराहा स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है। उसके सिर में एक दर्जन से अधिक टांके लगे हैं। इस घटना के बाद उसने छह बार थाने का चक्कर लगाया लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं किया। उसने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के चलते उसकी बहन की जान गई है। बरखा छह बहनों एक भाई में तीसरे नंबर की थी।
एक पखवाड़े से चल रहा था विवाद
हल्द्वानी। सोनम और उसके भाई अमन ने बताया कि पानी खींचने के लिए उनकी मां नूरजहां को वाटर पंप की जरूरत थी। एक पखवाड़े पहले फैजान ने 600 रुपये लेकर वाटर पंप दिलाने का वादा किया था। आरोप है कि पैसा लेने के बावजूद वाटर पंप नहीं दिलाया। इस बीच नशेड़ी फैजान ने घर के बर्तन चुरा लिया। पकड़े जाने पर बर्तन लौटाने का झूठा वादा कर रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था।
महिलाओं ने शव को घेरे रखा
हल्द्वानी। गफूर बस्ती में हत्या की जानकारी मिलने पर भीड़ उमड़ पड़ी थी। महिलाओं ने शव को घेरे रखा था। माहौल को भांपते हुए पुलिस ने साढ़े बजे रात में शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लिया।