बिठौरिया नंबर एक में वन विभाग की चौकी के पास 14 जनवरी की सुबह नहर में मिले तीन शवों को हत्या के बाद तो नहर में नहीं डाला गया था। इनमें से मृतक रवि का सिम इस्तेमाल कर रहे एक युवक को उसके दो साथियों सहित मुखानी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
उनका चौथा साथी फरार है, जिसके पास रवि का मोबाइल होने की बात कही जा रही है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। ये भी पता लगाया जा रहा है कि आखिर रवि का मोबाइल इन चारों के पास कैसे आया। पुलिस ने मोबाइल का आईएमईआई नंबर भी सर्विलांस पर लगा दिया है।
बृहस्पतिवार को पीलीभीत निवासी रवि के पिता शांति स्वरूप, फूफा अमित शर्मा और अन्य परिजन सीओ से मिले। अमित शर्मा ने सीओ को बताया कि वे कई दिन से रवि का मोबाइल नंबर मिला रहे थे। 24 जनवरी को उसका नंबर मिला और किसी ने बात की। उसने उन्हें गालीगलौज देकर धमका दिया। 25 को फिर मिलाया तो वह खुद को कभी चंडीगढ़, कभी बरेली तो कभी हल्द्वानी में बताने लगा। 27 को वे हल्द्वानी पहुंचे और फिर मोबाइल पर बात की। युवक ने उन्हें लामाचौड़ पर बुलाया, जिस पर वे उससे सिम लेने गए।
उन्होंने पुलिस को बताया तो पुलिस ने बुधवार को सिम चलाने वाले मूल रूप से बिहार निवासी और यहां भगवानपुर में किराए पर रहने वाले रंजन एवं उसके दो साथियों को हिरासत में लिया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि उनका चौथा साथी कहीं से इंटेक्स का एक मोबाइल और वोडाफोन का सिम लाया था। सिम रंजन ने अपने फोन में डाल लिया था। पुलिस चौथे आरोपी की तलाश कर रही है, जबकि तीनों से पूछताछ हो रही है।
परिजनों को आशंका है कि इन चारों का रवि, उसके मामा धर्मवीर और एक अन्य युवक मुकेश की मौत से गहरा संबंध है। वे हत्या की आशंका जता रहे हैं। तीनों की बाइक 14 जनवरी की सुबह बिठौरिया में क्षतिग्रस्त मिली थी, जबकि तीनों के शव 10 किलोमीटर दूर जीतपुर निगल्टिया में मिले थे। पुलिस ने उसे सड़क दुर्घटना बताकर मामला बंद कर दिया था।