एमबीपीजी कॉलेज में सभी छात्रों को दाखिला दिए जाने की मांग को लेकर बवाल करने के मामले में नया खुलासा हुआ है। इस मामले में रोहित प्रकाश नाम के जिस छात्रनेता का नाम सामने आ रहा है, वह नगर निगम में सफाई कर्मचारी है। अब प्राचार्य ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर अराजकता करने वाले सफाई कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
एमबीपीजी कॉलेज में 24 अगस्त को एनएसयूआई के हर्षित जोशी ने समर्थकों के साथ सभी छात्रों को दाखिला दिए जाने के मुद्दे को लेकर प्राचार्य कक्ष में हंगामा किया था। छात्रनेताओं ने कॉलेज प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास कर बखेड़ा खड़ा कर दिया था। हालांकि मौजूद पुलिस ने इस कोशिश को विफल कर दिया था।
प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद ने इस मामले में रोहित प्रकाश, हर्षित जोशी, मीमांश आर्या, रोहित रावत, ऋषभ सिंह भारती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर भी दी। 25 अगस्त को कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में तीन छात्रों मीमांशा आर्या, रोहित रावत और ऋषभ सिंह भारती को ेकॉलेज से निष्कासन का नोटिस भी जारी कर दिया।
उन्हें अपने अभिभावकों के साथ चार सितंबर को मुख्य शास्ता मंडल के समक्ष उपस्थित होकर पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं अन्यथा उन्हें महाविद्यालय से निष्कासित कर दिया जाएगा।
इसके अलावा रोहित प्रकाश और हर्षित जोशी कालेज के संस्थागत छात्र न होने के कारण इन्हें नोटिस नहीं दिया गया था। रोहित प्रकाश दो साल पहले छात्रसंघ उपाध्यक्ष पद पर रह चुका है।
प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद ने बताया कि जानकारी मिली है कि रोहित प्रकाश नगर निगम में सफाई कर्मचारी है। इस पर उन्होंने नगर निगम के नगर आयुक्त हरवीर सिंह को पत्र लिख कर सफाई कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज में किसी भी छात्रनेता को अराजकता पैदा करने की छूट नहीं दी जाएगी।
चार दिन बाद भी दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट
बवाल के बाद प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने घटना से चार दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस बारे में एसएसपी जन्मेजय खंडूरी का कहना है कि पुलिस अभी जांच कर रही है।
इधर शिक्षकों का कहना है कि नियमानुसार किसी व्यक्ति के तहरीर देने डीजीपी ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिए हैं। फिर भी पुलिस टाल मटोल कर रही है जबकि पुलिस घटनास्थल पर खुद गई थी।
एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य की ओर से भेजा गया पत्र मुझे नहीं मिला है। मुझे फोन से जानकारी मिली है। रोहित प्रकाश नाम से नगर निगम में एक सफाई कर्मचारी है। पत्र आने के बाद जांच कराई जाएगी। जांच में कर्मचारी दोषी पाया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- हरवीर सिंह नगर आयुक्त नगर निगम
रिपोर्ट दर्ज न होने से हम आहत हैं। इस मामले को कोर्ट में लेकर जाएंगे। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराएंगे। कॉलेज में किसी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-डॉ. जगदीश प्रसाद, प्राचार्य