कोतवाली पुलिस ने एक माह पूर्व मालधनचौड़ में डकैती और दो सगी बहनों के साथ हुए दुराचार मामले का पर्दाफाश कर दिया है। मामले में कुल छह आरोपी शामिल थे। जिसमें से पुलिस ने तीन को गिरफ्तार कर लिया है।
जबकि तीन अन्य आरोपियों को यूपी पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। सनसनीखेज वारदात का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के इस कारनामे पर विभाग ने पुरस्कारों की बौछार की है।
शनिवार दोपहर एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 23 अगस्त की रात मालधनचौड़ के शिवनाथपुर नई बस्ती में यूपी में कार्यरत होमगार्ड के घर में घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने लूटपाट करते हुये दो सगी बहनों के साथ दुराचार किया था।
पकड़े गये आरोपियों में से मुख्य आरोपी पीड़ित परिवार की मुखिया महिला का सगा फुफेरा भाई है। मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने तीन दर्जन से अधिक पुलिस कर्मियों की टीमें बनाकर मामले की जांच की थी।
जिसमें करीब 800 मेंथा व्यापारियों, आसपास के थाना क्षेत्रों में बीते पांच सालों में पड़ी डकैतियों के 50 आरोपियों, वादी से रंजिश रखने वाले 21 लोगों सहित कई अन्य से कड़ी पूछताछ की गई थी, लेकिन पुलिस के हत्थे कुछ नहीं लगा था।
इसी बीच अचानक पुलिस को पीड़ित परिवार के एक रिश्तेदार रोहित पुत्र प्रेम प्रकाश निवासी चकलाटपुर जिला रामपुर के बारे में जानकारी हासिल हुई। पुलिस ने रोहित को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने घटना में शामिल होना कबूल किया।
रोहित ने बताया कि घटना को अंजाम देने से एक सप्ताह पूर्व वह पीड़ित परिवार के घर आया था। जहां पर उसे घर में रखे मेंथा व नकदी के बारे में जानकारी होने पर अपने साथियों के साथ मिलकर लूटपाट का प्लान तैयार किया था।
पकड़े गये अन्य दो आरोपी गुड्डू पुत्र यामीन निवासी रानीरजपुरा चापड़ थाना आईटीआई बाजपुर व निजामुद्दीन पुत्र नूरहसन निवासी ग्राम बाजपुर थाना बाजपुर शामिल हैं। जबकि शौकीन मेवाती पुत्र वसीम मेवाती निवासी अलीनगर थाना स्वार जिला रामपुर, शफीक कुरैशी पुत्र हनीफ कुरैशी, निवासी गागन थाना टांडा जनपद रामपुर, आमिर पुत्र अब्दुल मजीद निवासी चापटररानी रजपुरा थाना आईटीआई जिला यूएसनगर शामिल हैं, जो कि मालधनचौड़ में हुई घटना के अगले ही दिन चोरी के बाइक व तमंचों के साथ स्वार यूपी पुलिस के हत्थे चढ़े थे, ये इन दिनों जेल में बंद हैं।
जेल में बंद शौकीन मेवाती पर वर्तमान में चोरी, आर्म्स एक्ट, जान से मारने का प्रयास सहित 38 मामले दर्ज हैं। जबकि शफीक पर 13 तथा आमिर पर 11 मुकदमे चल रहे हैं। पकड़े गये अभियुक्तों के पास से पुलिस ने एक तमंचा व एक चाकू सहित मालधन से लूटा हुआ चांदी का मंगलसूत्र, सोने के कुंडल व चांदी के कड़े भी बरामद किये हैं।
पकड़े गये आरोपियों की पुलिस ने पीड़ित परिवार से शिनाख्त भी कराई। पीड़ितों ने आरोपियों के घटना में शामिल होने की पुष्टि की है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को 376, 395, पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत जेल भेज दिया है। डीजीपी ने पुलिस टीम को 20 हजार, डीआईजी ने पांच हजार तथा एसएसपी ने ढाई हजार रुपये पुरस्कार की घोषणा की है।
कहां गया मेंथा तेल?
मालधनचौड़ में लूट और दो संगी बहनों से दुराचार के मामले का पुलिस ने भले ही खुलासा कर दिया है। लेकिन जिस मेंथा तेल पर पुलिस काम कर रही थी वह पुलिस के लिये टेड़ी खीर साबित हुआ।
घर से लूटा गया 35 लीटर मेंथा का तेल, केन कहां है इसका पुलिस को कुछ पता नहीं है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मेंथा तेल भी बरामद कर लिया जाएगा।
कलियुगी कंस मामा को मिले फांसी
मालधनचौड़ कांड से एक हफ्ते पहले रोहित अपनी बहन के घर आया था। इस दौरान वह घर की रेकी कर गया था। पीड़ित महिला बताती है कि रिश्ते का मेरा भाई व बेटियों का मामा कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर आया था।
तब हमें इस पर कोई शक नहीं हुआ। घटना के दिन भी रोहित घर के भीतर आने के बजाय ऊपर सड़क पर ही खड़ा रहा। जब पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया तो हम भी हक्का बक्का रह गये।
यहीं से रोहित के लिये दिल में घृणा पैदा हो गयी। खुलासे के समय कोतवाली पहुंचा पीड़ित परिवार जहां पुलिस को धन्यवाद देते नहीं थक रहा था। वहीं होमगार्ड की पत्नी ने ऐसे भाई पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। दोनों बेटियों ने रोहित को कंस मामा की संज्ञा दे उसे फांसी पर लटकाने की बात कही है।
64 नंबर गेट से आये थे आरोपी
मालधनचौड़ में सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी एनएच 121 के 64 नंबर गेट से मालधन बैराज पर पहुंचे। आरोपी एक सेंट्रो कार, एक बाइक से आये थे। घटना को अंजाम देने से पूर्व आरोपी वाहनों को झाड़ियों में छुपाकर घर पहुंचे थे।
रोहित घर के बाहर खड़ा होकर रेकी करता रहा। जबकि शौकीन, शरीफ, निजामुद्दीन घर खंगालकर मारपीट व लड़कियों के साथ अभद्रता करते रहे।
आरोपियों की कार हुई खराब
रामनगर। वारदात को अंजाम देने आये आरोपियों की सेंट्रो कार यूए 06डी 6786 वापसी के समय खराब हो गयी थी। जिसे एक अज्ञात आटो से खिंचवाकर काशीपुर तक आये। पुलिस को इस आटो के बारे में भी अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
खुलासा करने वाली टीम
मालधनचौड़ मामले का खुलासा करने वालों में अपर पुलिस अधीक्षक यशवंत चौहान, सीओ रामनगर स्वतंत्र कुमार सिंह, सीओ भवाली डीसी ढौंडियाल, जिले भर के 12 उपनिरीक्षक, 20 पुलिसकर्मी, सात एसओजी, फारेंसिक टीम, सर्विलांस टीम के सदस्य थे।