पंचायत घर के पास बैड़ा पोखरा गांव में कोचिंग संचालक के घर घुसे बदमाशों ने चापड़ और रॉड से वारकर कोचिंग संचालक भुवन चंद्र भट्ट को अधमरा कर दिया और उनकी पत्नी राधा की हत्या कर दी। सात साल की बेटी अनन्या ननिहाल में होने के कारण बच गई। हत्यारे घर में रखे जेवर, नगदी और मोटरसाइकिल ले गए। बृहस्पतिवार सुबह किरायेदार ने मेन गेट का ताला टूटा देखा तो घटना का पता चला। डॉग स्क्वायड और फिंगर प्रिंट की टीम ने मौका मुआयना किया मगर कोई सुराग नहीं लगा। एसएसपी ने खुलासे के लिए चार टीमें गठित कर दी हैं। कोचिंग संचालक को नगर के बृजलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली पुलिस ने कोचिंग संचालक के साले उमेश चौबे की तहरीर पर हत्या के साथ डकैती और हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कोचिंग संचालक भुवन चंद्र भट्ट ने करीब दस साल पहले बैड़ा पोखरा गांव में मकान बनाया था। वह यहां अपनी पत्नी राधा भट्ट (35) और सात साल की बेटी अनन्या के साथ रहते हैं। मकान के प्रथम तल पर सुशीला तिवारी अस्पताल में तैनात डॉ. गुरविंदर सिंह रहते हैं। मंगलवार रात की ड्यूटी करने के बाद बुधवार सुबह डॉ. गुरविंदर घर पहुंचे तो उनके कमरे में ताला लगा था, जबकि वह अपने कमरे में ताला नहीं लगाते थे। उन्होंने ताला तुड़वाने के बाद मकान मालिक भुवन चंद्र भट्ट को कॉल की लेकिन फोन नहीं उठा। उन्होंने समझा कि मकान मालिक बाइक लेकर कहीं चले गए होंगे। दिनभर कमरे में रहने के बाद शाम को वह फिर ड्यूटी पर चले गए।
बृहस्पतिवार की सुबह कमरे पर पहुंचने पर मेनगेट का ताला कुछ दूरी पर पड़ा देख डॉक्टर को शक हुआ। मकान मालिक का दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने गांव के लोगों से पूछताछ के बाद कोचिंग संचालक के ससुराल हेड़ागज्जर गौरापड़ाव सूचना दी। ससुराल से भुवन के साले उमेश चौबे पहुंचे। उन्होंने सीढ़ी के रास्ते चढ़कर पिछला दरवाजा तोड़ा और अंदर घुसे। कमरे में पहुंचे तो वहां राधा का शव बेड पर पड़ा था और भुवन जमीन पर बेहोश पड़े थे। उनके शरीर पर कपड़े नहीं थे। राधा सिर्फ अंत:वस्त्र में थी। दो कमरों का सामान अस्त-व्यस्त था। घर की एक खिड़की के साथ ही आलमारी भी टूटी पड़ी थी।
सूचना मिलते ही एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, सीओ डीसी ढौडियाल के साथ शहर के थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। भुवन भट्ट को तुरंत बृजलाल अस्पताल ले जाया गया। पता चला कि राधा भट्ट मंगलवार को एमए योगा की परीक्षा देने एमबी कॉलेज भी गई थी। परीक्षा के कारण उसने अपनी सात साल की बेटी अनन्या को ननिहाल में भेज दिया था।