कालूसिद्घ गेट पर खनन कारोबारियों से वार्ता करते वनाधिकारी
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कालूसिद्ध गेट पर बुधवार सुबह आरएफआईडी सिस्टम लगाने पर खनन कारोबारियों ने हंगामा किया। वनाधिकारियों से वार्ता के बाद सहमति बनी तो शाम को माफिया ने कालूसिद्ध गेट पर घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। उन्होंने तोल का कांटा, इलेक्ट्रानिक सिस्टम, कुर्सियां तोड़ने के साथ ही वन निगम कर्मियों से धक्का-मुक्की भी की। इस बाबत आरएम ने डीएलएम को आरोपियों को चिहिन्त कर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
बता दें कि खनन कारोबारी रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडिंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) सिस्टम लगाने का विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने मंगलवार को कठियापुल गेट नहीं खुलने दिया था। इसके बाद बुधवार सुबह छह बजे जब वन कर्मी कालूसिद्ध गेट पर आरएफआईडी डिवाइस लगाने पहुंचे तो यहां पर भी कारोबारियों ने हंगामा कर दिया। वन कर्मियों की सूचना पर वन निगम के पश्चिमी क्षेत्र के आरएम जीसी पंत, तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु बागरी, एसडीएम हर गिरी, डीएलएम हरीश चंद्र सती, रेंजर संतोष पंत, एसएसआई कश्मीर सिंह मौके पर पहुंचे। कालूसिद्ध गेट पर उनकी खनन कारोबारियों से दो घंटे तक वार्ता हुई, इसके बाद खनन कारोबारी बंजारी द्वितीय पर डिवाइस लगाने पर सहमत हो गए, जबकि अन्य गेटों पर बिना आरएफआईडी डिवाइस के ही निकासी होगी। वहीं, नदी में अवैैध खनन की सूचना पर विभागीय कर्मियों ने छापा मारा, लेकिन वहां पर अवैध खनन नहीं पाया गया।
उधर, शाम करीब पांच बजे कुछ माफिया कालूसिद्ध गेट पर घुस आए और जमकर तोड़फोड़ की। उन्होंने वहां तैनात कर्मियों से धक्का-मुक्की भी की। इस बाबत आरएम पंत ने डीएलएम सती को आरोपियों को चिहिन्त कर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। समाचार लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।