भोले भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर लूटने वाला अंतरराज्यीय जहरखुरानी गिरोह पुलिस के हाथ चढ़ा है। महिला, उसके पति समेत गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके पास से 13 मोबाइल, एक लैपटॉप, पुलिस आइकार्ड और नशीली गोलियां बरामद की हैं। गिरोह का सरगना खेम सिंह दो डंपरों का मालिक है और रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में रहता है। गिरोह कुमाऊं के साथ-साथ बरेली, रामपुर और मुरादाबाद में जहरखुरानी की वारदातें करता था। फौजी और पहाड़ के लोग इनके निशाने पर ज्यादा रहते थे।
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने मंगलवार को पुलिस बहुद्देश्यीय भवन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि गिरोह के खेम सिंह बिष्ट, गोकुल आर्य निवासी अल्मोड़ा, राजेंद्र सिंह रावत और उसकी पत्नी मनीषा रावत निवासी बागेश्वर, कुंवर सिंह उर्फ कमल बिष्ट निवासी नैनीताल को गिरफ्तार किया है।
गिरोह अल्मोड़ा, बागेश्वर से लेकर रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, और हल्द्वानी से अल्मोड़ा तक के रूट पर वारदात करता था। टीम के सदस्य सह यात्रियों से दोस्ती कर कोल्ड ड्रिंक, बिस्किट में नशीला पदार्थ मिला कर वारदात करते थे। उन्होंने बताया कि 21 मई को भीमताल निवासी ललित मोहन भट्ट और दो जून को गरुड़ निवासी जीवन सिंह अल्मिया ने जहरखुरानी की वारदात का मुकदमा दर्ज कराया था।
गिरोह के सदस्यों ने स्टेडियम के पास हुई वारदात में शामिल होने की बात भी कबूल की है। कुंवर सिंह उर्फ कमल बिष्ट पर रामपुर रोड स्थित वन विभाग के चीड़ डिपो के चौकीदार की हत्या का भी केस दर्ज है। मूल रूप से अल्मोड़ा निवासी खेम सिंह इस गिरोह का सरगना है। उसका रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में मकान है। उसके वहां राजेंद्र सिंह, मनीषा रावत भी किराये पर रहते हैं। यहीं बैठकर ये वारदात की रणनीति तय करते थे।
हेड कांस्टेबल को भी बनाया था शिकार
हल्द्वानी। गिरोह ने चंपावत में तैनात हेड कांस्टेबल बहादुर सिंह को भी कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर मोबाइल, नगदी, पर्स लूट लिया था। वह नौ जुलाई को दिल्ली से लौट रहे थे। गिरोह के सदस्य रुद्रपुर से उनके पीछे लग गए थे। रुद्रपुर से हल्द्वानी तक वे बहादुर सिंह को अपनी कार में लाए और यहां आकर रुपये खुले करने के बहाने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला दिया था। बेहोश होने पर बहादुर को बरेली रोड पर जंगल के पास फेंक दिया था।
टीम पर इनामों की बौछार
खुलासा करने वाली टीम में कोतवाल केआर पांडे, एसओजी प्रभारी दिनेश पंत, एसआई दिनेश नाथ महंत, हरेंद्र सिंह नेगी, नंदन सिंह रावत, मीना रावत, कांस्टेबल कुंदन, रियाज, अनिल, गुरजीत, गौरव, शंकर, वीरेंद्र पाल आदि शामिल हैं। टीम को एसएसपी ने ढाई और डीआईजी ने पांच हजार नगद इनाम देने की घोषणा की है।