आईटीबीपी पेपर लीक मामले में कोतवाल यूपी के सिपाही से पूछताछ करेंगे। इसके बाद वाट्सएप से मैसेज भेजने वालों को चिन्हित किया जाएगा। इधर, परीक्षा को लेकर परीक्षार्थी भी चिंतित हैं। समझा जाता है कि पेपर आउट करने के पीछे एक बड़ा गैंग काम कर रहा है।
गाजियाबाद जिले का सिपाही संजय सिंह अपने भाई को आईटीबीपी दूरसंचार आरक्षी पद की लिखित परीक्षा दिलाने यहां छोटी मुखानी स्थित स्कूल में बने सेंटर पर लेकर आया था। रविवार दोपहर एक अपरिचित ने सिपाही का मोबाइल नंबर लेकर वाट्स एप पर हल प्रश्नपत्र मंगाया और परीक्षा दे रहे अपने करीबी को वाट्स एप पर भेज दिया था। इस मामले में सिपाही की शिकायत पर आईटीबीपी के उपसेनानी उमेश बडोला ने वाट्स एप का मैसेज लेने के बाद शाम को मुखानी थाने में आईटी अधिनियम 2000 धारा 61 क(ग) और 4/10 उत्तर प्रदेश सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम 1998 के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
एसएसपी सेंथिल अबुदई ने मुकदमा आईटी एक्ट का होने के कारण विवेचना की जिम्मेदारी कोतवाल आरएस मेहता को दी है। कोतवाल का कहना है कि इस मामले में सबसे पहले सिपाही संजय से पूछताछ की जाएगी। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देशन में वाट्सएप से मैसेज भेजने वाले और लेने वाले परीक्षार्थी को चिन्हित किया जाएगा।