हल्द्वानी वन प्रभाग के जौलासाल जंगल में अवैध हथियारों की फैक्ट्री से यूपी से सटे इलाकों में हथियारों की आपूर्ति की जाती थी। यह संदेह जांच में लगी एजेंसियों को है। जल्द ही एक स्पेशल टीम फिर जौलासाल जंगल का दौरा करेगी।
जौलासाल जंगल में छह सितंबर को हथियारबंद लोगों को देखे जाने के बाद वन विभाग, पुलिस ने सात सितंबर को अभियान शुरू किया। आठ सितंबर को जौलासाल जंगल में भारी मात्रा में हथियार बनाने का सामान, डाई आदि को बरामद किया था।
इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जांच में लगे अफसरों के मुताबिक यूपी में पीलीभीत आदि जगहों पर जंगल या तो कम हो गए हैं या आराम से हथियार बनाने के लिए मुफीद नहीं रह गए हैं। इसके चलते यूपी से असलहे बनाने के लिए अपराधियों ने उत्तराखंड के जंगलों की तरफ रुख किया है।
हल्द्वानी वन प्रभाग का अधिकांश जंगल करीब छह महीने तक एक तरह से कटा रहता है, इसके कारण गश्त आदि प्रभावित होती है। इसके अलावा जौलासाल जैसा सघन, दुर्गम और एकांत वाला जंगल आसपास ही शायद कोई दूसरा हो। इसके अलावा यहां से यूपी, नेपाल आदि जगहों को जाना भी आसान है।
खुफिया विभाग से जुड़े लोगों के अनुसार इन्हीं सब के मद्देनजर ही अपराधियों ने यहां पर हथियार बनाने की फैक्ट्री लगाई। इस जगह से यूपी, उत्तराखंड आदि जगहों पर अवैध हथियारों की आपूर्ति की जाती थी।
मामले की जांच और सुरक्षा प्रबंधों को परखने के लिए 22 सितंबर को एक स्पेशल टीम के जंगल में जाने की संभावना है। वहीं, नानकमत्ता इलाके के तीन गांव के कुछ संदिग्ध जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।