फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आबादी में पकड़ा गैस रीफिलिंग का धंधा

Sat, 28 Feb 2015 01:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
विज्ञापन
विज्ञापन
लाइन नंबर आठ में घरेलू सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भरने के गोरखधंधे का खुलासा हुआ। मौके से छह रसोई गैस सिलेंडर, एक छोटा सिलेंडर, छह गैस की किताब, पीतल की नोजल और बांसुरी बरामद हुई है। मामले में दो लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन


जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह को लाइन नंबर आठ बनभूलपुरा में घरेलू गैस सिलेंडरों से छोटे सिलेंडर भरे जाने की सूचना मिली थी। सिंह ने दो दिन पहले अपनी टीम के साथ मौका मुआयना किया था। शुक्रवार सुबह पौने आठ बजे डीएसओ ने स्टाफ को बरेली रोड स्थित कार्यालय में बुला लिया था। कर्मियों को छापे की जानकारी नहीं दी गई। छापे की जानकारी सिर्फ सिटी मजिस्ट्रेट आरडी पालीवाल और एसडीएम पंकज उपाध्याय को थी।

पुलिस फोर्स के साथ दो टीमों ने लाइन नंबर आठ में बिलाली और बंजारान मस्जिद के पास छापा मारा। इस दौरान एक टिनशेड और गौशाला में धड़ल्ले से रसोई गैस से छोटे सिलेंडर भरे जा रहे थे। पुलिस को देखते ही गैस रीफिलिंग में जुटे दो लोग मौके से भाग निकले। अधिकारियों ने मौके से चार सिलेंडर इंडेन के, दो भारत के, छह गैस की किताब, चार पीतल के नोजल, दो बांसुरी, दो कांटे और रीफिलिंग फट पंप बरामद किया।
विज्ञापन


डीएसओ सिंह ने बताया कि सुलेमान और वसीम गैस रीफिलिंग का धंधा चला रहे थे। दोनों के खिलाफ कोतवाली में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 में मुकदमा दर्ज कराया है।

निरस्त कराए जाएंगे कनेक्शन
छापे के दौरान मो. शफी कंज्यूमर नंबर (25876), वाजिद शाह (43575), अमना बेगम (24449), गुफरान (24602), इदरीश (34857), वारिश शाहखान (23552) की गैस किताब बरामद हुई है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि इनके कनेक्शन निरस्त कराए जाएंगे, साथ ही इन उपभोक्ताओं को ब्लैकलिस्टेड कराया जाएगा, जिससे ये उपभोक्ता दूसरी कंपनी से भी कनेक्शन न ले सकें।

पुलिस की नाक के नीचे चल रहा था धंधा
मंगलपड़ाव चौकी से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर अवैध रीफिलिंग का खेल धड़ल्ले से चल रहा था। आबादी में चल रहे इस काले कारोबार की पुलिस को जानकारी नहीं थी। यह बात किसी के समझ में नहीं आ रही है कि चौकी से आधा किलोमीटर दूर चल रहे गोरखधंधे की खबर पुलिस को कैसे नहीं लगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें