धारचूला विधायक हरीश धामी के एसटीएच में धरना देने से अस्पताल में अफरातफरी मच गई। मरीज और उनके तीमारदार वार्ड छोड़कर आने लगे किसी तरह उन्हें रोका गया। एसपी सिटी रात डेढ़ बजे और एसडीएम ढाई बजे पहुंचे। फिलहाल महिला की हालत में सुधार है। उसका ऑपरेशन हो गया है।
पिछली हरीश रावत में सरकार में हरीश धामी का कद बड़ा माना जाता था। मंगलवार रात हुए बवाल के बाद हालांकि कोई कांग्रेसी वहां नहीं पहुंचा। धामी का दावा था कि उन्होंने घटना की जानकरी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व कांग्रेस विधायकों को दे दी है।
विधायक के बवाल काटने से धरना देने तक की नौबत आ गई लेकिन एसएसपी और डीएम ने भी मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। कोतवाल भेजकर खानापूरी कर दी गई।
सीएम त्रिवेंद्र रावत पर लगाया आरोप
विधायक धामी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर पुलिस, सरकारी अधिकारियों कर्मियों से कांग्रेसी विधायकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया। उन्होंने गुस्से में कहा कि यह सु नहीं कुशासन की सरकार है।
सीसीटीवी में खुल जाएगा राज
विधायक धामी से हुई मारपीट में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है। एसटीएच में चप्पे चप्पे को सीसीटीवी की निगाहबानी रहती है। बुधवार को सीसीटीवी फुटेज की जांच होते ही दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
वीडियो बनाने वाले का मोबाइल तोड़ने का आरोप
विधायक धामी का जब डॉक्टरों से बवाल हो रहा था तो एक समर्थक मोबाइल से वीडियो बना रहा था। इस बीच सुरक्षा गार्डों और डॉक्टरों ने समर्थक के साथ भी मारपीट कर मोबाइल छीन लिया और तोड़ने की कोशिश की।
विवादों में रहता है एसटीएच
सुशीला तिवारी में डॉक्टरों और मरीजों के बीच यह पहला विवाद नहीं है। इससे पूर्व में भी कई बार तीमारदारों ने डॉक्टरों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा है।