उत्तराखंड और यूपी के पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघों पर संकट है, क्योंकि जंगल में शिकारी घुस गए हैं और वह बाघों के बारे में सटीक जानकारी जुटाकर शिकार करने की फिराक में हैं। तराई पूर्वी वन प्रभाग को शिकारियों के मूवमेंट की जानकारी मिली है। इसके बाद यूपी, वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के अलावा नेपाल के वन विभाग को भी सतर्क किया गया है। डीएफओ के अनुसार क्रिटकल एक्शन अलर्ट जारी करने के साथ ही शिकारियों की फोटो और डिटेल जारी की गई है।
उत्तराखंड के तराई पूर्वी वन प्रभाग का सुरई रेंज (खटीमा क्षेत्र) और यूपी पीलीभीत टाइगर रिजर्व की सीमा जुड़ी हुई है, जहां पर बाघों का मूवमेंट है। इसी तरह तराई पूर्वी से नेपाल का जंगल भी जुड़ा है। इन जगहों पर बाघ, हाथी आदि शेड्यूल-1 के वन्यजीवों की अच्छी-खासी संख्या है। नेपाल सीमा करीब होने एवं बाघ जंगल में मौजूद होने के कारण आसान शिकार और भागने के लिए शिकारियों ने यहां पर नजर गड़ा दी है।
बाघ गणना में तमाम तकनीक इस्तेमाल के बाद भले 10 से 12 तक बाघों का जंगल में पता चला हो, लेकिन यूपी-उत्तराखंड वन विभाग ने मुखबिरों से जो सूचना जुटाई है, वह होश उड़ा देने वाली है। मुखबिरों ने बताया कि शिकारियों को जंगल में करीब 40 बाघ होने का अनुमान है। अब वह इसके लिए घात लगा रहे हैं, इसी के तहत पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों को ढेर किया गया।
अब शिकारी और बाघों के शिकार की फिराक में है। इसमें हल्द्वानी और खटीमा के शिकारी शामिल होने का पता चला है। तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि हल्द्वानी का शिकारी सलीम और खटीमा निवासी मो. शाहिद का मूवमेंट इलाके में होने की सूचना मिली है। यह 30 अक्तूबर 2013 को महोफ रेंज (उत्तराखंड के जंगल से सटा हुआ पीलीभीत का इलाका) में बाघ के शिकार में पकड़े भी जा चुके हैं। इन दिनों जमानत पर हैं। विभाग ने क्रिटकल एक्शन अलर्ट जारी किया है।
इस संबंध में यूपी के अलावा वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को जानकारी और डिटेल दी गई है। नेपाल को भी सतर्क किया गया है। नेपाल में भी पिछले माह 15 और 18 जनवरी को बाघ के अंग के साथ शिकारी पकड़े गए हैं। शिकारी यूपी के हैं और इनके साथी उत्तराखंड और यूपी दोनों जगह छिपे हो सकते हैं।
बाघ के कलेजे की दावत
सलीम और खटीमा निवासी सईद शातिर शिकारी हैं। इन्होंने महोफ रेंज में जब बाघ को मारा तो खाल, हड्डी बेचने के लिए निकाल ली। बाद में बाघ के कलेजे को भूनकर कर दावत की। यह बात पूछताछ में सामने आई थी।