आंवला गेट निवासी वृद्ध की मौत का मामला गहरा गया है। वृद्ध की पत्नी और बहू ने कोतवाली पहुंचकर आरोप लगाया कि भगवान दास की हादसे में मौत नहीं हुई थी। उन्हें कुछ लोगों ने मारकर फेंका था। एसएसपी ने दोनों महिलाओं को फरियाद लेकर बनभूलपुरा थाने जाने का सुझाव दिया।
अलीगढ़ के मूल निवासी भगवानदास (65) आंवला गेट के पास परिवार के साथ रहते थे। 27 फरवरी को वह घायलावस्था में सड़क पर मिले थे। अस्पताल में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना को हादसा बताते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, बुधवार को वृद्ध की पत्नी बीरा और बहू गीता ने कोतवाली पहुंचकर आरोप लगाया कि भगवानदास की मौत हादसे में नहीं हुई थी।
पुलिस वालों ने ही बताया कि पोस्टमार्टम में मौत दुर्घटना से नहीं होना पाया गया है। एसएसआई एनबी भट्ट ने बताया कि इस मामले का निपटारा बनभूलपुरा पुलिस करेगी, क्योंकि आंवला गेट बनभूलपुरा क्षेत्र में आता है। अब तक उनको हादसे से ही मौत होने की जानकारी थी। पुलिस ने किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती है। दोनों महिलाएं अपनी फरियाद लेकर बनभूलपुरा थाने चली गई।