जंगल में शिकार करने की मंशा से घूम रहे चार संदिग्धों को न्यायालय ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इन लोगों पर दस-दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर इन्हें तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पार्क से मिली जानकारी के अनुसार 8 मई 2014 को कार्बेट नेशनल पार्क के झिरना जोन में रेंज अधिकारी कुंदन सिंह गडिया को मुखबिर ने सूचना दी कि कार्बेट की सीमा पर कुछ संदिग्ध व्यक्ति घूम रहे हैं। टीम ने गश्त के दौरान फीका नदी की ओर से फांटो की ओर चार लोगों को भागते हुए देखा। इस दौरान टीम ने दो युवक सतवीर सिंह निवासी 102 सी वासुदेवपुरा थाना पिंजौर, जिला पंचकूला हरियाणा एवं झेलेराम निवासी धनाकटेर कोठीकला 625 सोलन हिमाचल प्रदेश को पकड़ा, जबकि तुमड़ियाडाम रामनगर निवासी गुरुदेव सिंह एवं बुद्धि भागने में सफल रहे।
विभाग की कई बार दबिश देने के बावजूद फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हुई। 16 जून 2014 को उपप्रभागीय वनाधिकारी कालागढ़ द्वारा विवेचना कर शिकायती पत्र अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रामनगर के न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय द्वारा जारी वारंट जारी पर फरार गुरुदेव, बुद्धि न्यायालय में समक्ष पेश हुए। सभी साक्षीगणों की गवाही और सीटीआर द्वारा पुरजोर पैरवी करने के बाद बृहस्पतिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन ओम कुमार ने सभी आरोपियों को दोषी माना और तीन-तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर आरोपियों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।