पेट्रोल पंप मालिक से 11 लाख रुपये लेने की मांग को लेकर व्यवसायी विक्की गुप्ता ने कोतवाली थाने के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस ने उसके हाथ से केरोसिन का गैलन और माचिस छीन ली।
हालांकि माचिस खाली थी। हंगामे को देख व्यवसायी की पत्नी थाने में बेहोश हो गई। उसको पुलिस ने बेस अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने व्यवसायी को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह के समक्ष पेश किया। मजिस्ट्रेट ने उसे दो दिन के लिए जेल भेज दिया। 16 सितंबर को उसे फिर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
धानमिल बरेली रोड निवासी विक्की गुप्ता की पत्नी रेखा नैनीताल रोड स्थित वीरेंद्र चड्ढा के पेट्रोल पंप पर हंगामा करने के लिए अपने समर्थकों के साथ आटो से जा रही थी। पुलिस ने भोटिया पड़ाव चौकी के सामने आटो रोक लिया।
इस पर महिलाओं ने हंगामा किया। पुलिस ने महिलाओं को समझा बुझाकर घर भेज दिया। इसकी जानकारी मिलने पर विक्की गुप्ता ने लोगों को फोन कर बताया कि वह रोडवेज के सामने शरीर में आग लगाने के बाद थाना परिसर में दौड़ लगाएगा।
घटना की सूचना मिलने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह, सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी ने पुलिस फोर्स के साथ कोतवाली से लेकर रोडवेज तक डेरा डाल दिया। पुलिस की एक टीम विक्की गुप्ता के घर गई लेकिन विक्की नहीं मिला।
इस बीच अचानक विक्की गुप्ता थाने के सामने पहुंचा और शरीर पर केरोसिन उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश की । पुलिस ने तत्काल उसे पकड़कर गैलन और माचिस छीन ली। घटना के चलते हंगामा खड़ा हो गया।
पुलिस ने हिरासत में लेकर विक्की को नहलाया। पति की हालत देखते ही उसकी पत्नी रेखा थाना परिसर में बेहोश हो गई। इस बीच उपनिरीक्षक कुमकुम धानिक के नेतृत्व में महिला टीम ने उसे बेस अस्पताल में भर्ती कराया।
थाने में विक्की का आरोप था कि उसे पुलिस ने बुध पार्क में धरना देने की अनुमति नहीं दी। पांच दिन से वह घर पर अनशन कर रहा है लेकिन कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं आया। वह किसी कीमत पर पेट्रोल पंप मालिक से पैसा लेकर रहेगा।
पुलिस कार्रवाई से वह हार नहीं मानेगा। हंगामा होने पर पेट्रोल पंप मालिक वीरेंद्र चड्ढा भी व्यवसायियों के साथ थाने पहुंचे और अपना पक्ष रखा।