सेंट्रल हास्पिटल में हुए बवाल मामले में ब्लाक प्रमुख भोला दत्त भट्ट और उनके समर्थकों पर मारपीट, बलवा और लूट की धाराएं लगायी गई हैं। पुलिस की जांच के दौरान लूट के प्रमाण नहीं मिले हैं। संभावना है कि शीघ्र ही लूट की धाराएं हट जाएगी। सेंट्रल अस्पताल में 17 दिसंबर को मरीज रतन सिंह डोगरा की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने अस्पताल के डायरेक्टर और कार्डिक सर्जन सहित अन्य लोगों की पिटाई कर दी थी।
इस घटना के बाद अस्पताल के डायरेक्टर रमेश शर्मा ने मुखानी पुलिस को तहरीर दी। इसी आधार पर पुलिस ने ब्लाक प्रमुख भोला दत्त भट्ट, कनिष्ठ प्रमुख जया कर्नाटक सहित 50-60 लोगों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़, लूट और बलवा का मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद जनप्रतिनिधि और डाक्टर आमने सामने आ गए। दोनों पक्षों के आंदोलन का मामला जिलाधिकारी तक पहुंच गया है।
प्रशासन भी घटना को लेकर पसोपेश में है। दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ कार्रवाई करने पर अड़े हैं। पुलिस की जांच में आया है कि डाक्टर से चेन या घड़ी की लूट नहीं हुई थी। इस बारे में पूछने पर थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बृजवाल ने बताया कि लूट के प्रमाण अभी नहीं मिले हैं। ऐसी स्थिति में लूट की धारा कभी भी हट सकती है। मुकदमे की बाकी धाराएं पुलिस के विवेक पर टिकी हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी करे या नोटिस देकर जवाब मांगे।