श्रम विभाग कार्यालय में पैसे के लेन-देने को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान बजरंग दल कार्यकर्ता और एक गैस एजेंसी संचालक आपस में भिड़ गए।
देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें गैस एजेंसी संचालक को बुरी तरह पीट गया। हालांकि देर रात कोतवाली में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
मोहन अधिकारी नाम के व्यक्ति ने स्थानीय श्रम विभाग कार्यालय में ग्राम टांडा में स्थित हिंदुस्तान गैस ऐजेंसी संचालक निजामुद्दीन के खिलाफ मजदूरी न देने संबंधित वाद दायर किया था।
शुक्रवार को इसकी श्रम विभाग में सुनवाई चल रही थी। इस दौरान एजेंसी संचालक निजामुद्दीन के साथ मुस्तकीम भी मौजूद था। सुनवाई के वक्त बजरंग दल के राजीव शर्मा और विरेंद्र अधिकारी भी मोहन अधिकारी से मिलने मौके पर पहुंचे गए।
विरेंद्र अधिकारी ने बताया कि इस बीच गैस एजेंसी संचालक ने विभाग में चल रही कार्रवाई की वीडियोग्राफी करने के साथ ही उनकी फोटो मोबाइल से खींची, जिसका उसने विरोध किया तो एजेंसी संचालक ने उसे घूंसा जड़ दिया।
इसी को लेकर दोनों पक्षों में खूब मारपीट हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। सूचना पर कई बजरंग दल कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए और घेराव किया।
काफी देर की गहमागहमी के बाद बाद में सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी। दोनों में समझौता हो गया।