मनरेगा कर्मियों के धरना स्थल पर शराब के नशे में धुत दो युवकों ने जमकर हंगामा काटा और विरोध करने पर आंदोलित कर्मचारियों के साथ हाथापाई की। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों युवकों को थाने ले गई, जहां बाद में दोनों युवकों द्वारा लिखित माफीनामा देने पर समझौता हो गया।
सेवा बहाली और बकाया मानदेय भुगतान की मांग को लेकर मनरेगा कर्मचारी बीते तीन दिन से विकास भवन परिसर में धरने पर बैठे हैं। शनिवार दोपहर शराब के नशे में धुत दो युवक धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलित युवकों के साथ अभद्रता करने लगे। उक्त दोनों युवक भी पूर्व में मनरेगा कर्मी रहे हैं। इस दौरान एक युवक ने धरने पर बैठे युवकों के साथ हाथापाई की और धरनारत महिलाओं को भी धमकाया।
मनरेगा जिलाध्यक्ष नवीन तिवारी ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस दोनों युवकों को थाने ले गई। इस दौरान आंदोलित मनरेगा कर्मी भी थाने पहुंच गए। इससे पहले कि पुलिस मामले में कोई कार्रवाई करती मनरेगा कर्मियों और आरोपी युवकों के बीच सुलह हो गई।
आंदोलन तोड़ने की साजिश
आंदोलित मनरेगा कर्मियों का कहना है कि शनिवार को धरना स्थल पर दो युवकों द्वारा किया गया हंगामा आंदोलन को तोड़ने की साजिश है। जिलाध्यक्ष नवीन तिवारी ने बताया कि उक्त दोनों युवकों की अपने-अपने क्षेत्रों में मनरेगा में पुन: बहाली हो चुकी है, लिहाजा वह नहीं चाहते कि शेष कर्मचारी किसी तरह का आंदोलन करें।