हल्द्वानी। उपकारागार में बंद कैदियों के भोजन पर प्रतिदिन 52300 रुपये का खर्च आता है। यहां क्षमता से तीन गुना अधिक कैदी बंद हैं। इस मामले में अदालत ने भी दूसरी जेल बनवाने का आदेश दिया था लेकिन ऊधमसिंह नगर के लिए अलग जेल तैयार नहीं हो सकी है।
हीरा विहार केनाल रोड निवासी हेमंत सिंह गौनिया ने सूचना अधिकार के तहत जेल से छह बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। लोक सूचना अधिकारी और कारापाल राजेंद्र सिंह हयांकी ने इस मामले में सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट दी। बताया है कि 31 दिसंबर 18 को जेल में 1046 बंदी निरुद्ध हैं। जेल की बंदी मानक क्षमता 248 की है लेकिन यहां तीन गुना से अधिक कैदी रखे जाते हैं। इनमें अधिकतर ऊधमसिंह नगर जिले के रहने वाले हैं। एक बंदी के भोजन पर 50 रुपये का खर्च पड़ता है, अर्थात 52300 रुपये प्रतिदिन भोजन पर खर्च पड़ता है। पिछले पांच वर्षों में बंदियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्रियों पर 83. 14 लाख रुपये, दवाइयों पर 20.98 लाख रुपये, भोजन पर 6.49 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। कैदियों की संख्या क्षमता से तीन गुना अधिक बढ़ने के कारण कोर्ट ने शासन को अलग जेल बनाने के निर्देश दिए थे। ऊधमसिंह नगर के लिए अलग जेल बनाने के लिए जमीन अधिगृहीत की गई है। जमीन पर पेड़ों की कटाई का काम चल रहा है।
जेल के बंदी प्रतिदिन 52 हजार रुपये का करते हैं भोजन
क्षमता से तीन गुना बंदी, दवाइयों पर भी भारी रकम खर्च होती है