हल्द्वानी। रक्षाबंधन के दिन मायके जाने से रोका पति-पत्नी में विवाद हो गया। दूसरे दिन महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर वालों ने कहा कि उसने जहर खाकर जान दे दी। जबकि मायके वालों का आरोप है कि ससुरालियों ने जहर देकर उसे मारा है। त्योहार के दिन पति ने उससे बात तक नहीं कराई। वह पहले भी उसे पीट चुका है। इस बात को लेकर मायके वालों ने पति की मोर्चरी में धुनाई भी कर दी।
पुलिस के अनुसार सलकुली सुयालबाड़ी निवासी प्रकाश चंद्र की पत्नी मुन्नी देवी (35) रक्षाबंधन केे दिन मायके जाना चाहती थी। इस बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ था। रविवार को उसने जहर खा लिया। घर वाले इलाज के लिए एसटीएच लाए जहां सोमवार देर रात उसकी मौत हो गई। मुन्नी के तीन बच्चे अंजलि (15), हर्षित (13) और ज्योति (6) हैं। घटना की जानकारी मिलने पर बेलवाल चाफी स्थित मायके से मुन्नी की मां चंपा देवी अपनी बेटियों सुनीता और हंसी के साथ मोर्चरी पहुंच गईं। मोर्चरी में प्रकाश चंद्र को देखते ही मायके की महिलाओं ने उसे पीटना शुरू किया। बचाव करने पर पति के मित्र को भी महिलाओं ने नहीं बख्शा। इस बीच मंडी चौकी के सिपाहियों ने जैसे-तैसे प्रकाश चंद्र को बचाया।
घर वालों ने कहा, जहर खाकर मरी, मायके वालों ने लगाया हत्या का आरोप
राखी पर मायके न भेजने पर पति-पत्नी में हुआ था विवाद, मोर्चरी में पति की धुनाई
मायके वालों के आरोप
मायके वालों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भी उन्हें सूचना नहीं दी गई। पिछले साल भी प्रकाश चंद्र ने मुन्नी को जंगल में ढकेल कर मारा था, जिससे मुन्नी का हाथ कट गया था। कई बार पीटने पर मुन्नी मायके चली आई थी मायके वालों के अनुसार मुन्नी देवी ने पिछले साल 28 सितंबर और आठ नवंबर को कोश्याकुटौली के उपजिलाधिकारी से पति की शिकायत की थी। 16 नवंबर को प्रकाश चंद्र ने गांव के पांच लोगों की मौजूदगी में लिखित दिया था कि वह भविष्य में कभी भी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट नहीं करेगा। माफीनामा लिखकर देने पर मुन्नी को उसके पति के साथ विदा किया था। मेडिकल चौकी प्रभारी कैलाश सिंह नेगी ने बताया कि घटना के बाबत पति और उसके परिजनों से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि घटना के दिन पति और पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद पत्नी ने जहर खाया था।