हल्द्वानी। रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार बिजली विभाग के अवर अभियंता सुबोध कुमार नेगी को सतर्कता विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में पेश किया। अदालत ने अवर अभियंता को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। इधर विभाग ने अवर अभियंता को निलंबित करने के साथ रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है।
अवर अभियंता सुबोध कुमार नेगी ने ठेकेदार हेमंत से बिलों को पास करने के एवज में दस हजार रुपये की मांग रखी थी। इस बीच, जेई सुबोध का स्थानांतरण रामनगर विद्युत उपखंड चिल्किया होे गया। जब काफी समय तक जेई सुबोध ने बिल पास नहीं किए तो ठेकेदार ने इसकी शिकायत हल्द्वानी सतर्कता विभाग से की। शिकायत के आधार पर सतर्कता विभाग ने जेई सुबोध को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस बारे में विभाग के मुख्य अभियंता कुमाऊं एचके गुरुरानी ने बताया कि अवर अभियंता को निलंबित करने का आदेश अधीक्षण अभियंता को दिया गया है। साथ ही घटना की पूरी जानकारी मुख्यालय को भेजी गई है। मुख्यालय से जो भी आदेश आएगा। उसके अनुसार कार्रवाई होगी। अधीक्षण अभियंता शेखर अभियंता ने अवर अभियंता के निलंबन की पुष्टि की है।