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सास-बहू के झगड़े में खो बैठा आपा : संदीप

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फाइल फोटो
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रामनगर (नैनीताल)। पीरूमदारा में जिस अंजलि को उसी के पति संदीप ने मौत के घाट उतार दिया उसने कभी सोचा भी नहीं होगा कि शादी से पहले किए गए विश्वास का यह सिला मिलेगा। दोनों की अरेंज शादी होने थी मगर फायरिंग के मामले में संदीप के जेल जाने पर अंजलि के परिजनों ने रिश्ता तोड़ दिया था। इसके बाद भी अंजलि संदीप को भुला नहीं पाई। दोनों भागकर शादी करने को तैयार थे। लेकिन दोनों के परिजन बाद में शादी को राजी हो गए।
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संदीप सिंह बिष्ट नशे का आदी था। उसकी शादी करने में काफी दिक्कतें आ रही थी। संदीप की मां एएनएम थीं। काशीपुर में भी उसकी पहचान थी। आवास विकास कॉलोनी काशीपुर निवासी अंजलि की बुआ से उसने बेटे की शादी की बात की तो उसने देहरादून निवासी मदन सिंह नेगी की बेटी से रिश्ता तय करवा दिया। पुताई का काम करने वाले मदन सिंह नेगी गरीब थे। चूंकि बेटी अंजलि शादी लायक थी, ऐसे में उन्होंने हामी भर दी। शादी तय होने के बाद दोनों में मिलना-जुलना शुरू हो गया। इस बीच संदीप फायरिंग के आरोप में जेल चला गया, जब इसकी जानकारी अंजलि के परिवार को लगी तो उन्होंने शादी तोड़ने का मन बना लिया। जेल से छूटने पर संदीप ने अंजलि से संपर्क साध। दोनों के घर से भागकर शादी करने की भनक दोनों के परिजनों को लगी तो डेढ़ साल पहले शादी कर दी गई। संदीप की मां ने बहू बेटे के लिए मकान खरीदा और खुद भी रहने लगी। संदीप के भाई प्रदीप के अनुसार दोनों की मर्जी के आगे किसी की नहीं चली थी। अब ऐसा होगा किसी को पता नहीं था।

जिसके लिए अपनों से बैर लिया, उसी ने मौत दे दी
संदीप के जेल जाने पर टूट गई थी अरेंज मैरिज मगर दोनों भागकर शादी करना चाहते थे


नशे के इंजेक्शन लेने काशीपुर गया फिर ली पत्नी की जान
रामनगर (नैनीताल)। पुलिस रविवार को संदीप को मेडिकल कराने के लिए संयुक्त चिकित्सालय में लाई थी। वहां हुई बातचीत में संदीप ने बताया कि वह सास-बहू के झगड़े से आजिज आ चुका था। घटना वाली रात में सास-बहू में झगड़ा हुआ था। वह कार लेकर काशीपुर की ओर चला गया। काशीपुर में जाकर उसने नशे के छह इंजेक्शन लिए। काशीपुर रेलवे फाटक के पास उसकी कार खराब हो गई, उसने कार को किसी के गैराज में खड़ा किया और बस से पीरूमदारा आ गया। संदीप के अनुसार जब वह घर पहुंचा तो सास-बहू में झगड़ा हो रहा था। ऐसे में उसने मां और बेटी को भाई के घर छोड़ दिया। घर लौटा तो देखा कि उसकी पत्नी अंजलि पिता को फोन पर देहरादून आने की बात कर रही थी। इसके बाद वह सामान पैक करने लगी। संदीप के अनुसार उसने समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। झगड़ा होने लगा और बात बढ़ने उसने रस्सी से गला दबाकर कर उसकी हत्या दी। इसके बाद वह एक घंटे तक वहीं रुका और बाद में नशे की हालत में ही निकल गया।
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हत्या को आत्महत्या में दर्शाना चाहता था
रामनगर (नैनीताल)। कोतवाल रवि कुमार सैनी ने बताया कि नशे की हालत में होने के बाद भी संदीप ने बेहद शातिर ढंग से हत्या को आत्महत्या में बदलने का प्रयास किया। पत्नी को गले में फंदा बांधकर लटकाने का प्रयास किया। पहली बार पूछताछ में उसने बताया था कि पत्नी ने आत्महत्या की है और उसने बचाने का प्रयास किया था लेकिन गले में रस्सी के गहरे निशान ने उसकी पोल खोल दी और बाद में उसने अपना जुर्म कबूल लिया था। पुलिस के अनुसार संदीप को लगता था कि उसकी पत्नी मायके वालों के बहाने किसी और से बात करती है। पुलिस ने मृतका के पिता मदन सिंह नेगी की तहरीर पर धारा 304 बी, 506 धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर संदीप को जेल भेज दिया है।

पिता ने दी बेटी को मुखाग्नि
रामनगर (नैनीताल)। रविवार सुबह मदन सिंह नेगी के साथ अन्य परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर अंजलि का शव लिया। इसके बाद रामनगर श्मशान घाट पर दाह संस्कार किया गया। इस दौरान ससुराल वाले नहीं आए तो पिता ने ही बेेटी को मुखाग्नि दी। मदन सिंह के अनुसार बेटी की हत्या से वह टूट गए हैं, जिसे कभी हाथों में खिलाया आज उसे मुखाग्नि देनी पड़ी।

आकांक्षा की देखरेख करेगा संदीप का भाई
रामनगर (नैनीताल)। अंजलि हत्याकांड में सबसे बड़ा सवाल तीन माह की बच्ची के परवरिश को लेकर है। हत्यारोपी के बड़े भाई प्रदीप सिंह बिष्ट ने बताया कि तीन माह की कोमल उर्फ आकांक्षा की परवरिश वह करेगा। बच्ची को वह अंजलि के मायके वालों को नहीं देंगे। अंजलि के पिता मदन सिंह नेगी ने बताया कि यदि वह बच्ची को अपने पास रखना चाहते हैं तो उन्हें आपत्ति नहीं है।
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