हल्द्वानी। काफी दिनों से बंद गोरापड़ाव का चर्चित हत्याकांड की जांच पुलिस ने फिर शुरू कर दी है। इसके बावजूद पुलिस को कोई ठोस आधार नहीं मिला है।
करीब दो माह पहले गोरापड़ाव क्षेत्र में हुई महिला की हत्या कर बदमाश बंदूक लूट ले गए। घटना के समय भौंकने पर बदमाशों ने पालतू कुत्ते को बंदूक की बट से मार डाला। इस मामले में पुलिस के अलावा एसटीएफ ने 200 से अधिक लोगों से पूछताछ की। सर्विलांस से सवा लाख मोबाइल नंबर, सीसीटीवी खंगाले गए लेकिन पुलिस को एक भी ठोस जानकारी मिल सकी। हाईकोर्ट के निर्देश पर डीआईजी पुष्पक ज्योति के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। पुलिस की छह टीमें कई प्रदेशों में गई लेकिन सभी स्थानों से पुलिस को निराशा मिली। पुलिस ने 15 दिनों से थमी जांच फिर शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जांच की जा रही है। संभावना है कि जांच में कोई ठोस लाइन मिल सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ठोस आधार मिलने ही पुलिस टीमें बाहर भेजी जाएंगी।
चर्चित हत्याकांड के अनसुलझे सवाल
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पूछताछ के दौरान कई होटलों और रिजॉर्टों के नाम आए, जांच नहीं हुई
पुलिस जांच की दिशा कई बार बदली गई, गिरोह या बाहरी लोगों के हाथ का पता नहीं चल सका।
लूटी गई स्कूटी पुलिस ने बरामद की। इसके बावजूद अभियुक्त की शिनाख्त नहीं हो सकी।