हल्द्वानी। समाज सेवा का दंभ भरने वालों और प्रशासन के जिम्मेदार लोगों को सुशीला तिवारी अस्पताल के पास चार दिनों से पड़े भूखे-प्यासे और बीमार भिखारी पर तरस नहीं आया। दर्द से कराह रहा वह असहाय राह चलते लोगों पर दुआ और दवा की टकटकी लगाए रहा मगर किसी की संवेदनाएं नहीं जागी। रविवार को उसने दम तोड़ दिया। अब पुलिस शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त करने की कोशिश करने की बात कह रही है।
लोगों ने बताया कि अस्पताल के आसपास भीख मांगकर अपना जीवन यापन करने वाला भिखारी कुछ दिन पहले बीमार हो गया था। बरसात के दिन भी वह बाहर पड़ा था। कुछ वाहन स्वामियों ने उसे अस्पताल गेट से हटाकर सड़क के किनारे स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम के पास लिटा दिया। भोजन नहीं मिलने के कारण वह बहुत कमजोर हो गया था। रविवार दोपहर जानकारी मिलने पर अमर उजाला के पत्रकार ने मेडिकल चौकी प्रभारी राजेंद्र को इस बारे में बताया तो उसे सुशीला तिवारी अस्पताल ले जया गया लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि भिखारी के शव की शिनाख्त करने के लिए उसे 72 घंटे मोर्चरी में रखा जाएगा।