हल्द्वानी। अल्मोड़ा में कंप्यूटर कोचिंग सेंटर चलाने वाले बागेश्वर के युवक सूदखोरों का ब्याज चुकाते परेशान हो गया तो वह घर छोड़कर चला गया। पांच महीने बाद मुखानी पुलिस ने उसे बरामद कर लिया है। वह हरिद्वार और दिल्ली में रहा। उसके खिलाफ अल्मोड़ा में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
गरुड़ बागेश्वर का रहने वाले कैलाश चंद्र तिवारी पुत्र गणेश दत्त तिवारी कंप्यूटर कोचिंग सेंटर चलाता था। उसकी शादी कठघरिया, पनियाली क्षेत्र निवासी गुड्डी मेलकानी से हुई है। वह साल आठ अक्तूबर को करवा चौथ पर ससुराल में आया था। नौ अक्तूबर को बागेश्वर के लिए रवाना हुआ लेकिन घर नहीं पहुंचा। पत्नी ने मुखानी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। बृहस्पतिवार को पुलिस ने उसे थाना क्षेत्र से बरामद कर लिया है। थाना प्रभारी कमाल हसन ने बताया कि उस पर अल्मोड़ा में में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, वहां वांछित होने की वजह से अल्मोड़ा पुलिस को सौंप दिया है।
ब्याज के फे र में फंस गया
हल्द्वानी। एसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि कैलाश का कंप्यूटर सेंटर चलता था। वह ऑनलाइन पंजीयन फार्म भरने का भी काम करता था। उसने अल्मोड़ा में कुछ सूदखोरों से 10 फीसदी की दर से ब्याज पर रुपया लिया था। उसने पुलिस को बताया कि वह असल तो जमा कर चुका है लेकिन ब्याज देने में हालत खराब हो गई है।