हल्द्वानी। छात्र कमलेश शाही की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के शोक में परिजनों ने शुक्रवार को तिकोनिया से लेकर कालाढूंगी तिराहे तक कैंडल मार्च निकाला। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए घटना का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है। पनचक्की तिराहा निवासी खड़िया व्यवसायी महिपाल सिंह का पुत्र कमलेश शाही (14) इंस्पिरेशन स्कूल में नवीं का छात्र था। 24 जनवरी को वह बास्केटबाल खेलने के लिए स्टेेडियम गया था। देर रात सुभाष नगर के समीप रेलवे ट्रैक पर उसका शव पुलिस ने बरामद किया। 25 जनवरी को परिवार के सदस्यों ने शव की शिनाख्त की थी। परिजनों का आरोप है कि घटना के एक सप्ताह बीतने के बावजूद पुलिस खाली हाथ बैठी है। कमलेश के पिता का कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई और खेलकूद में अव्वल था। परिजनों का आरोप है कि कमलेश की मौत के मामले में पुलिस जांच में लापरवाही बरत रही है। मौत की वजह अभी भी पुलिस स्पष्ट नहीं कर पाई है। अभी कमलेश के साथियों से पूछताछ नहीं की गई है। आशंका है कि उसे मारा गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखा तो पता चला कि वह स्टेडियम से पटेल चौक साथियों के साथ चाउमिंग खाने के लिए गया था। छह बजकर 40 मिनट पर उसकी उपस्थिति पाई गई है। पुलिस द्वारा जांच नहीं करने पर कैंडल मार्च का निर्णय लिया गया है।
रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन की टक्कर से हुई मौत
कोतवाल केआर पांडे का कहना है कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद रेलवे विभाग से संपर्क किया था। रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन के चालक राजेश कुमार और सह चालक अनिल कुमार ने बताया कि उसने बच्चे को टकराते हुए देखा था। ब्रेक लगाते-लगाते बच्चा टकरा गया था। ट्रेन से टकराने पर ही उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में चालकों ने गार्ड को जानकारी दी थी। घटना के बाद रेलवे विभाग ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी मौत ट्रेन से कटने पर हुई थी। फिर भी परिजनों की शिकायत पर विसरा देहरादून भेजा गया है।
पुराने साथियों से हुई पूछताछ
परिजनों की शिकायत पर सुभाषनगर के राहुल बिष्ट, विनोद, नितिन समेटी, योगेंद्र परमार, नितिन पनेरू से पूछताछ की थी। पांचों कमलेश के साथ मौजूद नहीं थे। इन बच्चों को घटना के बारे में जानकारी ही नहीं है।
बच्चों और चौकीदार से हुई थी पूछताछ
भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने बताया कि कमलेश शाही ने नीरज रौतेला, सचिन वैश्य, हिमांशु बिष्ट, अक्षत नवनीत के चाउमीन और मोमो खाया। ओके होटल से तीन बच्चे चले गए। इस मामले में हीरानगर निवासी हीरा सिंह कपिल से पूछताछ की गई थी। कमलेश शाही ओके होटल से टेंपो से निकला था। शाही के साथ कौन बच्चे गए थे। इस बारे में पुलिस को अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है। परिजनों के बताने पर आयुर्वेदिक अस्पताल के चौकीदार शंकर दत्त सुयाल से पूछताछ की गई थी। स्टेडियम में कमलेश से विवाद नहीं हुआ था। स्टेडियम में अन्य युवकों के बीच झगड़ा हुआ था। कमलेश के साथ कोई झगड़ा नहीं हुआ था।
पांच सौ रुपये गिरने से तनावग्रस्त था कमलेश
पुलिस के अनुसार साथियों और भाई की पूछताछ में पता चला है कि कमलेश के 500 रुपये लोअर से गिर गए थे। बड़े भाई ने बताया कि इस मामले मेें कमलेश पूछताछ से डर गया था। पैसे अध्यापक सुमित को देने थे। कमलेश ने मां से दोस्त की बर्थ डे पार्टी में जाने का बहाना बनाया था। स्टेडियम में चप्पल पहनकर गया था और दोस्तों के जूते पहनकर खेला। उसने दोस्तों से तनाव का जिक्र किया था।