हल्द्वानी। करोड़ों की धोखाधड़ी में फंसी पेऑन वॉलेट कंपनी के मालिक और प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अब कोतवाली पुलिस मकान मालिक सहित छह लोगों पर कार्रवाई कर सकती है। कंपनी का दफ्तर भी हो सील हो सकता है। यह धोखाधड़ी आरबीआई और बैंकों की सक्रियता के चलते पकड़ी गई है।
पुलिस के अनुसार मध्यप्रदेश के सहडोल जिले के कठौतिया सिंगपुर निवासी आशाराम कौल ने टीपीनगर देवलचौड़ में संचालित पेऑन वॉलेट कंपनी के खिलाफ रिजर्व बैंक से शिकायत की थी। इस बीच एकमुश्त लाखों रुपये के लेनदेन करने पर बैक अधिकारियों को शक हो गया था। बैंकों ने इस मामले में रिजर्व बैंक से विभागीय शिकायत की। रिजर्व बैंक ने कंपनी का मार्केट इनपुट उठाने के बाद जांच की तो पाया कि पेऑन कंपनी का पंजीयन नहीं है। खुद का बचाव करने के लिए कंपनी के मालिक और प्रबंधक ने जीएसटी में पंजीयन कराया था। रिजर्व बैंक ने इस मामले में साइबर सेल को जांच करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान सारा विवरण प्रकाश में आने पर कंपनी के आईसीआईसीआई और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते सील किए गए। इस मामले की जांच कर रहे चौकी प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि कंपनी के अधिकारी सितंबर 2018 से मानपुर पश्चिम स्थित पॉश कालोनी में कार्यालय खोलकर काम कर रहे हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि कंपनी के प्रबंधक मुरादाबाद जिले के आजमतनगर ज्योदरा बिलारी निवासी अरविंद कुमार तोमर ने हरियाणा के पानीपत चांदनी बाग थाना क्षेत्र में एक अन्य नाम से कंपनी खोली थी। कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ चांदनीबाग थाने में मुकदमा दर्ज होने का मामला प्रकाश में आया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपी अरविंद तोमर को हरियाणा पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर करनाल जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मकान मालिक से पूछताछ की जाएगी कि उसने सत्यापन कराया था या नहीं। इस कंपनी से पांच अन्य युवक भी जुड़े हैं। एसएसपी सुनील कुमार मीणा और एसपी सिटी अमित कुमार श्रीवास्तव जांच की समीक्षा कर रहे हैं।
आरबीआई और बैंकों की सक्रियता से घेरे में आई पेऑन वॉलेट कंपनी
मकान मालिक सहित छह लोग कानूनी घेरे में, कंपनी का दफ्तर भी हो सकता है सील
आरोपी प्रबंधक के खिलाफ हरियाणा में भी लाखों की धोखाधड़ी का मामला प्रकाश आया
पीलीभीत के लोगों ने की है शिकायत
हल्द्वानी। पैसा हड़पने के मामले में पीलीभीत जिले के कई लोगों ने एक शिकायती पत्र भेजा है। पुलिस इस मामले में जांच करेगी। कुछ लोगों ने मौखिक शिकायत भी की है।
कंपनी ऐसे कर रही थी जालसाजी
हल्द्वानी। पुलिस के अनुसार कंपनी का सदस्य बनने के लिए लोगों ने 500-500 रुपये का पंजीयन कराया था। चेन सिस्टम के तहत एक सदस्य अपने अधीन दो सदस्यों को जोड़ता था। दो सदस्यों को जोड़ने पर 40 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से सौ दिनों तक पैसा भुगतान करने के सब्जबाग दिखाए गए। फिर दो और सदस्यों को जोड़ने पर 80 रुपये प्रतिदिन भुगतान का नियम बनाया गया था। कागजातों की जांच से पता चला है कि कंपनी चेन सिस्टम में जोड़ने पर पैसा जमा करने वालों को पैसे के अलावा हर्बल प्रोडक्ट आइटम, जूस, पाउडर, हेयर आयल, ग्रीन टी, फ्रेशवास, हैंड वास मुहैया कराती थी। धीरे-धीरे कंपनी के यूपी, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में कई सदस्य जुड़ गए थे। सदस्यों ने 25 हजार से एक लाख रुपये तक दांव पर लगा दिए थे। कंपनी ने भी इस सिस्टम से करोड़ों रुपये हासिल कर लिए थे। सदस्य बनने के बाद कंपनी से डीटीएच और मोबाइल रिचार्ज की सुविधा प्रदान की जाती थी।