हल्द्वानी। कैदी प्रकाश सिंह रावत की मौत का मुकदमा कोतवाली पुलिस ने शनिवार को सीबीआई लखनऊ की यूनिट को सुपुर्द कर दिया। अब सीबीआई इस मामले में जांच करेगी।
पुलिस के अनुसार किलपुरा रेंज में दैनिक वेतनभोगी वन रक्षक प्रकाश सिंह रावत के खिलाफ पड़ोसी पर धारदार हथियार से मारने का आरोप था। पुलिस ने प्रकाश सिंह रावत को 21 अगस्त 2014 को गिरफ्तार किया था। हल्द्वानी उप कारागार में कैदी की मौत हो गई। इस मामले में अभियुक्त की पत्नी कलावती रावत ने हाईकोर्ट ने याचिका दायर की। आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले में जेल अधिकारियों को बचाया है जबकि इसके पहले पुलिस और मजिस्ट्रेटी जांच में जेल अधिकारियों को बेदाग बताया गया था।
न्यायमूर्ति ने इस मामले में सीबीआई से घटना की जांच कराने का निर्णय सुनाया। अदालत के आदेशानुसार सीबीआई की लखनऊ की टीम के सदस्य शनिवार को कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने कोतवाल केआर पांडे और एसएसआई एमएस दसौनी से संपर्क किया। कोतवाली पुलिस ने अदालत के आदेश का पालन करते हुए मुकदमे का विवरण और अन्य दस्तावेज सीबीआई को सुपुर्द कर दिया है। अब सीबीआई टीम ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है।
कैदी की मौत का मामला सीबीआई के हवाले
लखनऊ से आए थे सीबीआई के अधिकारी, हाईकोर्ट के आदेश का हुआ पालन