हल्द्वानी। राज्य में पुरुष नसबंदी पर सरकार कितनी गंभीर है इसकी पोल आरटीआई से मिली सूचना से खुली है। राज्य बनने के बाद महिलाओं की नसबंदी जहां लाखों में पहुंच गई, वहीं पुरुषों की हजारों में सिमट कर रह गई।
हेमंत गौनिया ने आरटीआई के तहत राज्य निर्माण के नसबंदी कराने वाले महिला और पुरुषों की संख्या, महिला पुरुषों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि, परिवार नियोजन पर सरकारी कर्मचारी को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि और राज्य गठन के बाद सरकारी कर्मचारियों को नियोजन के बदले दिए गए धन की जानकारी मांगी थी। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति की लोक सूचना अधिकारी सरोज नैथानी ने दी गई सूचना में बताया कि राज्य बनने के बाद नवंबर 2018 तक राज्य की 4,79,513 महिलाओं और 29,801 पुरुषों ने नसबंदी कराई।
महिलाओं की नसंबदी लाखों में, पुरुषों की हजारों में सिमटी
आरटीआई में मांगी गई सूचना में खुलासा