नैनीताल। गोली लगने से घायल छात्र नेता रोहित तिवारी को अस्पताल में बेसुध पड़ा देख उसकी मां भगवती देवी फफक पड़ी। बेटे को गोली मारने वालों को कोसते हुए कहने लगी कि जिन लोगों ने मेरे बेटे को गोली मारी है, वह मुझे भी मार डालें। बेटे को जिंदगी और मौत से लड़ता देख मां अस्पताल में घंटों विलाप करती रही।
पुलिस को कोसते हुए मां ने कहा कि अगर समय रहते रोहित को गिरफ्तार कर लिया गया होता तो आज उसकी यह हालत नहीं होती। कहा कि पुलिस छोटे तस्करों, नशेड़ियों पर तो कार्रवाई कर देती है, लेकिन मगरमच्छों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। रोहित की मां ने कई अन्य लोगों को स्मैक तस्करी से जुड़ा बताया। अस्पताल में रोहित की हालत गंभीर बनी है। आठ जनवरी को पूर्व छात्र नेता रोहित तिवारी को फेयर हैवेंस होटल के पास गोली मार दी गई थी। हल्द्वानी के नीलकंठ अस्पताल में उपचार कराने के बाद तंगहाल परिजन रोहित को घर ले आए थे। ना-नुकुर के बाद उसे यहां बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पुलिस ने शुक्रवार को दोनों आरोपियों संदीप, अंकुर का मेडिकल कराया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
‘बेटे को मारने वाले अब मुझे भी मार दें’
बीडी पांडे जिला अस्पताल में विलाप करती रही रोहित की मां
कहा, मगरमच्छों पर कार्रवाई होती तो बच जाता बेटा