हल्द्वानी। स्कूली वैन में बच्ची से छेड़खानी के मामले में पीड़िता का पैनल के डॉक्टरों ने परीक्षण किया। विवेचक की रिपोर्ट पर काठगोदाम पुलिस ने अब दुष्कर्म सहित अन्य संगीन धाराएं बढ़ा दी गई।
कोर्ट ने पीड़िता का कलमबंद बयान दर्ज करने के बाद उसका डॉक्टरों के पैनल से परीक्षण कराने के निर्देश दिए थे। मेडिकल परीक्षण के वक्त पीड़िता के पिता, अधिवक्ता संगीता टाकुली (निर्भया प्रकोष्ठ), जया पांडे (काउंसलर निर्भया प्रकोष्ठ) और विवेचक लता बिष्ट मौजूद रहीं। पीड़िता ने फोटो के आधार पर दोनों अभियुक्तों प्रदीप जोशी और रतन सिंह की शिनाख्त की। जांच में आया कि दोनों ने स्कूल छोड़ते समय बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। विवेचक लता बिष्ट ने छेड़खानी की जगह धारा 376 (2), 323, पांच (च), (छ) छह पॉक्सो एक्ट और 75 जेजे एक्ट के तहत धाराएं बढ़ा दी हैं। दोनों आरोपी जेल में हैं। पुलिस ने नई धाराओं के तहत अभियुक्तों की रिमांड ली है। धाराएं बढ़ने के साथ जांच की प्रक्रिया तेज हो गई है।
पुलिस ने 16 दिन बाद माना दुष्कर्म हुआ है
हल्द्वानी। पुलिस ने 16 दिन की जांच के बाद माना कि स्कूल वैन में मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था। जबकि प्राइवेट डॉक्टर के अलावा बच्ची की मां के बयान भी दुष्कर्म की तरफ इशारा कर रहे थे। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से छापा था।
समाजसेवी अनिल कुमार गुप्ता ने स्कूली वैन में बच्ची के साथ छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट के तहत 20 सितंबर को मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में प्राइवेट महिला डॉक्टर ने इलाज के बाद घिनौने कृत्यों का वर्णन कर दिया। मां ने भी कहा था कि बेटी ने दुष्कर्म से तंग आकर स्कूल जाने से मना कर दिया था।
अब स्कूल प्रबंधन पर कसेगा शिकंजा
हल्द्वानी। पुलिस पैनल के डॉक्टरों से परीक्षण का इंतजार कर रही थी। अब स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी धाराएं बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
एसएसपी ने स्कूल प्रबंधन के मुकदमे की जांच करने के लिए सीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब स्कूल प्रबंधन पर घटना को छिपाने और सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने के मामले में शिकंजा कसा जा सकता है। हालांकि पुलिस पहले काठगोदाम के मुकदमे में जल्द चार्जशीट दायर करना चाहती है ताकि अभियुक्तों को सजा मिल सके।
हुक्का बार की नहीं खोली गई सील
हल्द्वानी। दुर्गा सिटी सेंटर के हुक्का बार की सील तोड़कर शनिवार को भी जांच नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि जांच अधिकारियों के नहीं आने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बता दें कि दो दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट के की अगुवाई में पुलिस टीम ने दुर्गा सिटी सेंटर स्थित हुक्का बार में छापा मारा था। छापे के दौरान संचालक हुक्का बार का लाइसेंस दिखा नहीं सके। सिटी मजिस्ट्रेट ने बार में मौजूद बच्चों और अन्य लोगों को बाहर उसे सील करा दिया। इस बार की जांच स्वास्थ्य विभाग की टीम करने वाली थी लेकिन भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी का कहना था कि जांच टीम के सदस्यों के नहीं आने के कारण सील नहीं तोड़ी गई है।