हल्द्वानी। रकम दोगुना करने के सब्जबाग दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। गिरोह से जुड़े एक वकील ने शहर के एक व्यवसायी को झांसा देकर 32 लाख रुपये ठग लिए। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी वकील को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि ठगों का यह गिरोह हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल समेत कई राज्यों में लोगों को चपत लगा चुके हैं। इस मामले में बैंक और बीमा कंपनियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों को बताया कि तुलसीनगर पॉलीशीट निवासी व्यवसायी उमेश जोशी ने सितंबर 2015 को काठगोदाम थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। उमेश का कहना था कि उसने मैक्स कंपनी से बीमा कराया था। पालिसी पूरी होने पर एक व्यक्ति ने उन्हें कॉल कर कहा कि उसके प्लान के तहत निवेश करने पर रकम दोगुनी हो जाएगी। लालच में आकर वह बताए गए बैंक खातों पर समय-समय पर पैसा डालते रहे। उन्हें कई चेक मिले, लेकिन वे बाउंस हो गए। उमेश के अनुसार, जालसाजों ने 31 लाख 71 हजार 922 रुपये हड़प लिए।
एसएसपी ने मुकदमे की विवेचना काठगोदाम चौकी प्रभारी दान सिंह मेहता को सौंपी। विवेचक ने दिल्ली जाकर जांच की तो पता चला कि जालसाजों ने फर्जी आईडी से बैंक में खाते खोले हैं। फोटो के आधार पर पुलिस ने हरियाणा से एक का पता ढूंढ निकाला। उसके बाद कानपुर जिले के नौबस्ता थाना बरा मोहल्ला जनता नगर निवासी मनीष कुमार को हरियाणा के जमुनानगर से पकड़ लिया।
बीमा पालिसी पूरा होने पर सब्जबाग दिखाकर व्यवसायी को लगाई थी चपत
हरियाणा से पकड़ लाई पुलिस, डाटा चुराकर कई राज्यों में ठगी कर चुका है गिरोह
बीटेक, एलएलबी और एलएलएम है आरोपी वकील
हल्द्वानी। गिरफ्तार मनीष ने बताया कि वह बीटेक, एलएलबी और एलएलएम पास है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से एलएलएम किया है। इस समय वह कानपुर के जिला न्यायालय में वकालत करता है। 2011 में वह एक साफ्टवेयर कंपनी में काम करता था। 2014 में नौकरी छूटने पर दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित पान की दुकान पर उसकी मुलाकात एक ठग से हुई। उसने ठगी का पैसा जमा करने पर चार से दस फीसदी देने का आश्वासन दिया। मनीष के खाते से एक करोड़ दो लाख 15 हजार एक सौ 12 रुपये तिहत्तर पैसे का लेनदेन होना पाया गया है। हरियाणा से मनीष हाल ही में फर्जीवाड़ा के मामले में जमानत पर छूटा है।
पकड़ने वाली टीम
थानाध्यक्ष कमाल हसन, उपनिरीक्षक दान सिंह मेहता, नवीन राणा, मोहन जुकरिया, मोहन नेगी।