हल्द्वानी/लालकुआं। बरेली से काशीपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के शौचालय में गमछे से लटका किशोर का शव किच्छा के अजहर का निकला। उसके पिता ने मोर्चरी में आकर शव की शिनाख्त की। बताया कि वह नशा करने के लिए अक्सर साथियों के साथ निकल जाता था लेकिन एक दो दिन में घर लौट आता था। इस बार 15 दिनों से वह घर नहीं आया था।
बता दें कि बरेली से काशीपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन (55345) में शुक्रवार को लालकुआं स्टेशन में किशोर का शव मिला था। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेजा। तलाशी में उसकी जेब से एक हजार रुपये और नशीला पदार्थ मिला था। किच्छा निवासी शकील अहमद बेटे को ढूंढते जीआरपी पहुंचे थे। उन्होंने मोर्चरी में अजहर की शिनाख्त की। पोस्टमार्टम से खुलासा हुआ कि उसकी मौत फांसी लगने से हुई है। फांसी किसने लगाई जीआरपी इसकी जांच कर रही है। अजहर के साथियों से पूछताछ भी की जा रही हैं। शकील ने बताया कि उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। अजहर सबसे बड़ा था।