हल्द्वानी। रेलवे को हस्तांतरित वन भूमि से पेड़ों के अवैध कटान प्रकरण में रेंजर समेत चार के खिलाफ चार्जशीट सौंप दी गई है। अब प्रमुख वन संरक्षक, पीसीसीएफ (मानव संसाधन) की मंजूरी का इंतजार है। इस प्रकरण में रेंजर, वन दरोगा, दो गार्ड पूर्व में ही निलंबित किए जा चुके हैं।
रेलवे ट्रैक के चौड़ीकरण के लिए तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज के अंतर्गत कई हेक्टेयर वन भूमि रेलवे को हस्तांतरित की गई है। इस ट्रैक के चौड़ीकरण की आड़ में रेलवे के ठेकेदार ने अवैध ढंग से 214 पेड़ों को काट दिया था। इन पेड़ों को अवैध ढंग से सौदा भी कर दिया गया। ऊधमसिंह नगर की सिडकुल चौकी पुलिस ने इन काटे गए पेड़ों से भरी एक ट्रॉली पकड़ कर वन विभाग को दी थी। इसके बाद पेड़ों के कटान प्रकरण सुर्खियों में आना शुरू हो गया है। तब वन अधिकारियों को सैकड़ों पेड़ काटने का पता चला था। वन अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकरण में रेंजर भूपाल सिंह मेहता से लेकर गार्ड तक की लापरवाही सामने आई थी। बाद में इस मामले में रेंजर मेहता, वन दरोगा माधोराम, गार्ड संपूर्णानंद, हरीश बिष्ट को निलंबित किया गया। इधर अधिकारिक जानकारी के अनुसार रेंजर समेत चारों कर्मियों के खिलाफ चार्जशीट मुख्यालय (देहरादून) को सौंप दी गई है। रेंजर की चार्जशीट पर प्रमुख वन संरक्षक जयराज और दरोगा-गार्ड की चार्जशीट पर मानव संसाधन प्रमुख की मुहर लगते ही स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
टांडा रेंज में रेलवे को हस्तांतरित वन भूमि में काटे गए थे 214 पेड़
वन अफसरों ने मुख्यालय को सौंपी