हल्द्वानी। शहर में बगैर मानचित्र स्वीकृत कराए धड़ल्ले से निर्माण कार्य चल रहे हैं। हद तो यह है कि कई लोगों ने प्राधिकरण द्वारा निर्माणाधीन भवनों में लगाई गई सील को तोड़कर रातों रात अवैध निर्माण कार्यों को पूरा कर लिया है लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। ऐसे में प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
पिछले साल दिसंबर में अमर उजाला ने अवैध निर्माण कार्यों को लेकर कई दिनों तक अभियान चलाया था। इस पर तत्कालीन सचिव श्रीश कुमार ने शहर में छापेमारी कर बरेली रोड पर लक्ष्मी शिशु मंदिर विद्यालय के पास दो दुकानों, रेलवे स्टेशन के पास आमने-सामने दो दुकानों, रेलवे बाजार में एक व्यावसायिक निर्माण कार्य, बनभूलपुरा थाने के सामने हो रहे अवैध निर्माण कार्यों को सील कर दिया था। निर्माण कार्यों को कराने के लिए इनका नक्शा प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया था। सील लगने के बाद कुछ दिन तो यहां निर्माण कार्य बंद रहा लेकिन इसी बीच प्राधिकरण का सचिव पद विवादों में आ गया। इसी का फायदा अवैध रूप से निर्माण करा रहे लोगों ने उठाया। शनिवार को जब अमर उजाला की टीम सील किए गए निर्माण कार्यों को देखने पहुंची तो देखा कि कई लोगों ने प्राधिकरण द्वारा लगाई गई सील को तोड़कर निर्माण कार्यों को पूरा करा लिया है। कई लोग अभी भी दिनदहाड़े निर्माणाधीन भवनों के बाहर हरा कपड़ा लगाकर निर्माण कार्यों को पूरा कर रहे हैं। रेलवे स्टेशन के समीप एक व्यावसायिक भवन में लगाई गई सील को इस तरह से खोला गया है कि सीलबंद ताले को आसानी से खोला जा सकता है। जबकि सील में उपयोग किया गया कपड़ा ताले के ऊपरी हिस्से में ज्यों का त्यों लगा है। इतना होने के बावजूद प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी चुप हैं।
निर्माण कराने वालों ने उठाया सचिव को लेकर हुए विवाद का फायदा
प्राधिकरण के अधिकारियों, कर्मचारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
मैंने आज ही जिला विकास प्राधिकरण का काम देखना शुरू किया है। लिहाजा ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो यह गंभीर मामला है। जल्द ही ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -हरबीर सिंह, सचिव, जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल