हल्द्वानी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रीतू शर्मा की अदालत ने नाबालिग मूक लड़की के साथ दुराचार की कोशिश के आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल कैद और पांच हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार रामनगर के ग्राम ढिकुली निवासी मो. इरफान हाथी का महावत है। इरफान दो साल पहले 12 नवंबर 2016 को दोपहर करीब 1:30 बजे पीड़िता के घर में घुस गया। उस घर में 14 साल की मूक लड़की अकेली थी। इसलिए इरफान पर दुराचार की कोशिश की। नाबालिग ने किसी तरह से खुद को छुड़ाकर बाहर आई और गांव वालों को बताया। शाम को जब पिता पहुंचा तो बेटी ने सारी बात बताई। इस पर पिता ने इरफान के खिलाफ उसी दिन रामनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इधर अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह नेगी ने पैरवी की। उन्होंने दोष सिद्ध करने के लिए नौ गवाह पेश किए। साथ ही अदालत में मूक लड़की ने भी इशारों से और लिखकर इरफान का नाम भी बताया। बाद में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रीतू शर्मा की अदालत ने इरफान को दोषी देते हुए विभिन्न धाराओं में एक साल, पांच साल कैद और पांच हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।