हल्द्वानी। गौलापार खेड़ा में रविवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया। लिंटर का ढुला खोलते समय जीना भरभराकर गिर गया। इसके मलबे में दबकर मजदूर की मौत हो गई। मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया।
बरेली के रामगंगा निवासी राजाराम मौर्या (40) परिवार के साथ गौलापार में रहकर मजदूरी करता था। एक महीने से वह खेड़ा निवासी सर्वेश गुप्ता के मकान में काम कर रहा था। रविवार सुबह मजदूर लिंटर का ढुला खोल रहे थे। अचानक जीना भरभराकर गिर गया। सर्वेश मलबे में दब गया। हादसे के बाद वहां चीख पुकार मच गई। काम कर रहे साथी मजदूर उसे लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे लेकिन वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सर्वेश की तीन बेटियां और चार बेटे हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
अंतिम संस्कार के लिए नहीं थे पैसे
अस्पताल में सर्वेश की पत्नी दीपा बेहोश हो गई। किसी तरह लोगों ने उसे संभाला। पता चला कि उसके पास अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं हैं। वह रोते हुए वहां मौजूद लोगों ने पैसे मांगने लगी। मेडिकल पुलिस चौकी के सिपाहियों से भी उसने गुहार लगाई मगर उन्होंने मदद करने से इन्कार कर दिया। गौलापार से आई महिलाओं ने उसे ढाढ़स बंधाया। दीपा का कहना था कि वह शव को बरेली कैसे ले जाएगी। बाद में मजदूर और परिवार के लोगों ने पैसों का इंतजाम किया।