हल्द्वानी। हत्या के प्रयास के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज लोगों ने कोतवाली में रविवार को प्रदर्शन किया। उनकी कोतवाल से नोकझोंक भी हुई। प्रतिनिधिमंडल दल ने डीआईजी से मिलकर नैनीताल पुलिस की शिकायत की। आरोप लगाया कि पुलिस गिरफ्तारी में लापरवाही बरत रही है।
शमा होटल के पास 13 जनवरी की रात भोटियापड़ाव निवासी सुरेंद्र सिंह और कविंद्र सिंह पतियाल पर हमला किया गया। पुलिस ने 14 जनवरी को संदीप पांडे, योगेंद्र सिंह, मुकेश सिंह के खिलाफ धारा 307 सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट के बाद धारा 82 के तहत कुर्की उद्घोषणा की कार्रवाई किया। इस मामले में एससी/एसटी एक्ट की धारा बढ़ने के कारण घटना की जांच सीओ दिनेश चंद्र ढौंडियाल कर रहे हैं। घटना के 18 दिन बीतने के बाद गिरफ्तारी न होने पर रं कल्याण संस्था से जुड़े लोगों ने कोतवाली में प्रदर्शन किया। लोगों ने कोतवाल विक्रम सिंह राठौर के समक्ष आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने में लापरवाही बरत रही है जबकि पुलिस का कहना है कि स्थगनादेश के कारण गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने स्थगनादेश हटाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए छापे मारे गए हैं। कोतवाली पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट लोगों ने डीआईजी अजय जोशी से मुलाकात की। आरोप लगाया कि कोतवाली पुलिस आरोपियों से मिली है। डीआईजी ने पूरी बात सुनने के बाद बातचीत कर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। संस्था के सचिव मगन सिंह नपल्च्याल, नरेंद्र सिंह पतियाल ने कहा कि तीन दिन में गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए थाने में प्रदर्शन
डीआईजी से भी मिला प्रतिनिधिमंडल दल, हत्या के प्रयास का मामला