हल्द्वानी। कुंवर कालोनी फेस -1 पीलीकोठी स्थित घर में पत्नी की जहर खाने से मौत के बाद पति ने भी दूसरे कमरे में जाकर खुद को आग लगाकर जान दे दी। घर में आग की सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने दरवाजा तोड़कर बुजुर्ग दंपति के शवों को बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार पति रिटायर्ड सांख्यिकी अधिकारी और पत्नी सेवानिवृत्त शिक्षिका थी। उनका बड़ा बेटा आईबी हरिद्वार और दूसरा बेटा पुणे में मेजर पद तैनात है। हाईप्रोफाइल सुसाइड केस की जानकारी मिलने पर मुखानी पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बीमारी और गृहकलह के चलते आत्महत्या की बात सामने आई है।
मूल रूप से बागेश्वर निवासी रिटायर्ड सांख्यिकी अधिकारी नंदन सिंह परिहार (72) अपनी पत्नी सेवानिवृत्त शिक्षिका कमला परिहार (68) के साथ कुंवर कालोनी फेस-1 स्थित मकान में रहते थे। शुक्रवार सुबह करीब दस बजे पड़ोसियों ने मकान से धुआं निकलता देख बुजुर्ग दंपति के बेटे धीरेंद्र और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने पर सीएफओ संजीवा कुमार दमकल कर्मियों के साथ पहुंचे। कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़कर गैस सिलिंडर बाहर फेंका और नंदन सिंह के शव को निकाला। शव जलकर काला पड़ गया था। मौत की जानकारी मिलने पर सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल और थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत मौके पर पहुंच गए। पति के बगल वाले कमरे में पत्नी कमला परिहार का शव बिस्तर पर पड़ा था। उनके कान और नाक से खून बहा था। पुलिस ने आशंका जताई कि बुजुर्ग शिक्षिका की मौत जहर या ओवरडोज दवा खाने के चलते हुई है। पुलिस ने सुबह घर आई नौकरानी लक्ष्मी से पूछताछ की। लक्ष्मी ने बताया कि वह सुबह साढ़े छह बजे आई थी तो अंकल (नंदन सिंह परिहार) ने गेट खोला था। वह पोछा लगाए बगैर बर्तन साफ कर चली गई। अंकल ने कहा कि वह विदेश जा रहे हैं। इसी कारण उन्होंने एडवांस दो हजार रुपये भी दिए थे।
पत्नी ने जहर खाकर और पति ने खुद को आग लगाकर जान दी
अग्निशमन कर्मियों ने बुजुर्ग दंपति के शवों को निकाला
पति रिटायर्ड सांख्यिकी अधिकारी और पत्नी सेवानिवृत्त शिक्षिका
बड़ा बेटा आईबी हरिद्वार और दूसरा पुणे में मेजर पद पर तैनात
बीमारी और गृह कलह से तनावग्रस्त थे दंपति
कमला की चार माह पहले बाईपास सर्जरी हुई थी
हल्द्वानी। सेवानिवृत्त अधिकारी नंदन परिहार की आत्महत्या की सूचना पर उनके साले गोविंद सिंह बिष्ट अपनी पत्नी पुष्पा बिष्ट के साथ पहुंचे। दोनों ने बताया कि कमला परिहार की चार माह पहले हार्ट की बाईपास सर्जरी हुई थी। उनको डायबिटीज और ब्लड प्रेशर रोग भी था। नंदन परिहार ने हाल में एक बीमारी के चलते सर्जरी कराई थी। कमला के बड़े बेटे धीरेंद्र परिहार हरिद्वार आईबी में और छोटा बेटा पुणे स्थित आर्मी के मेडिकल कोर में मेजर पद पर तैनात है। दोनों की शादी हो चुकी है। नंदन परिहार ने नौकरी करते समय भवाली में मकान बनवाया था। इलाज के लिए बुजुर्ग दंपति ने पांच साल पहले कुंवर कालोनी में मकान बनवाया था। कुछ दिनों पहले सास कमला और बड़ी बहू के बीच कहासुनी भी हो गई थी। इसी कारण पति-पत्नी दुखी रहते थे। पुलिस ने पूछताछ के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया।
10:33 पर मिली थी फायर ब्रिगेड को सूचना
अग्निशमन विभाग को शुक्रवार सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी। सीएफओ के साथ तत्काल पहुंचे कर्मचारी जगदीप ने बताया कि पूजाघर में अंदर से कमरा बंद कर नंदन सिंह परिहार ने आग लगाई थी। सिलिंडर से गैस निकल चुकी थी। बगल में उनकी पत्नी का कमरा खुला था। इसमें बिस्तर पर नंदन परिहार की पत्नी का शव पड़ा था।
दस घंटे पहले हुई थी कमला की मौत
सूत्रों के अनुसार कमला की मौत का कारण पोस्टमार्टम स्पष्ट तौर पर सामने नहीं आया है। इसी कारण कमला का विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। मौत दवा के ओवरडोज से भी हो सकती है। पोस्टमार्टम से करीब दस घंटे पहले मौत होने का अनुमान है। अर्थात कमला की मौत सुबह के वक्त हो गई थी। इसी कारण नौकरानी को कमला घर के अंदर नहीं दिखाई दी थी। इसके बाद नंदन परिहार ने खुद को आग लगा ली।