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ब्रेड सप्लायर की गाड़ी से 40 हजार रुपये उड़ाए

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200 रुपये का नोट - फोटो : RBI
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हल्द्वानी। शहर में उचक्कों का गिरोह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। रविवार को दो घटनाओं के बाद सोमवार को भी एक घटना हो गई। उचक्के ने ब्रेड सप्लायर की गाड़ी से सोमवार की सुबह 40 हजार रुपये से भरा बैग उड़ा दिया। देवलचौड़ में दूसरी गाड़ी से उसने चोरी करने का प्रयास किया लेकिन लोगों ने उसे दौड़ाकर धर दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बैग बरामद तो कर लिया मगर रुपये नहीं मिल सके।
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देवलचौड़ खाम निवासी राजेश जायसवाल सोमवार की सुबह रेलवे स्टेशन के सामने डिस्ट्रीब्यूटर नवीन भट्ट के गोदाम से छोटा हाथी (यूके 04सीबी1612) में ब्रेड भरकर चल दिए। उन्होंने बरेली रोड स्थित एक दुकान में ब्रेड दिया। उस समय बैग मौजूद था। इसके बाद सप्लायर रामपुर रोड में एक दुकानदार को ब्रेड देने के बाद देवलचौड़ चौराहे के पास आए। यहां देखा तो गाड़ी में बैग नहीं था। इस बारे में उसने अपने परिचितों से चर्चा की। इस बीच आनंदा कंपनी गाड़ी आई। उन्होंने एक संदिग्ध व्यक्ति आनंदा की गाड़ी में चोरी करने के लिए दो चक्कर लगाया। शक होने पर लोग उसे पकड़ने की कोशिश किया तो भागने लगा। लोगों ने दौड़ाकर उसे धर दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पकड़े गए चोर की निशानदेही पर डिग्री कालेज के समीप से बैग बरामद किया। बैग में सिर्फ एटीएम आधार कार्ड और अन्य कागजात थे लेकिन पैसा नहीं मिल सका। पता चला कि पकड़ा गया चोर बनभूलपुरा मलिन बस्ती का रहने वाला है।

दौड़ते समय कपड़ा उतारकर फेंक दिया था
दुकानदार जितेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि चोर ने दौड़ते समय अपना कपड़ा उतारकर नहर में फेंक दिया था ताकि कोई उसे पहचान न सके। फिर भी देवलचौड़ के बहादुर युवकों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और 500 मीटर दूर जाकर उसे पकड़ लिया।
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रोडवेज के इर्द गिर्द सक्रिय हैं उचक्के और लिफाफा गैंग
हल्द्वानी। रोडवेज परिसर में रविवार को गाजियाबाद की पूर्णिमा के बैग से उचक्कों ने पर्स निकाल लिया। पुलिस के प्रयास के बावजूद उचक्का नहीं पकड़ा गया। पुलिस ने इसके पहले एक बुजुर्ग की मोबाइल और पैसा उड़ाने पर एक उचक्के को पकड़ लिया था लेकिन इस घटना के तीन घंटे बाद फिर उचक्कों ने दूसरी घटना को अंजाम दिया। तीन दिन पहले रोडवेज से उचक्कों ने एक व्यक्ति का बैग उड़ा दिया था। सप्ताह में तीन दिन रोडवेज के अंदर उचक्कों ने वारदात की लेकिन पुलिस उचक्कों के गिरोह को पकड़ने में विफल रही है। रोडवेज के बाहर लिफाफा गैंग सक्रिय रहता है। यह गैंग माह में एक या दो यात्रियों को ठगने और लूटने के बाद फरार हो जाता है। पुलिस एक साल से इस गिरोह को पकड़ने की कोशिश कर रही है लेकिन गिरोह के सदस्य पकड़ से बाहर है। यह गिरोह वाहनों के साथ मौजूद रहता है और यात्रियों को गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के नाम पर लिफाफा बदलकर पैसे लूट लेता है।
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