पुलिस सिपाही की संदिग्ध हालात में टावर से गिरकर मौत हो गई है। वह सितारगंज सीओ के आफिस में तैनात था। जानकारी के अनुसार वह मानसिक तौर पर परेशान था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया है। पिथौरागढ़ पुलिस में सिपाही कैलाश पंगरिया (38) पुत्र माधवानंद पंगरिया निवासी केमू बस स्टेशन वर्तमान में सितारगंज पुलिस उपाधीक्षक हिमांशु साह के दफ्तर में तैनात था।
कैलाश ने रविवार को कार्यालय से घर जाने के लिए पांच दिन की छुट्टी ली और रात को ही बाइक से छोटी रामड़ी निकट कठघरिया स्थित बुआ जानकी देवी और फूफा दुर्गादत्त शर्मा के घर पहुंचा। रात को बुआ को मानसिक तौर पर परेशान होने की बात कही। रात यहां बिताने के बाद वह सुबह करीब 9:30 बजे घर से पिथौरागढ़ जाने के लिए निकला। पुलिस के मुताबिक वह सर्वोदय आईटीआई के निकट बीएसएनएल के टावर पर चढ़ गया।
फिर संदिग्ध हालात में टावर से गिर गया। टावर से गिरने पर वह गंभीर रुप से घायल हो गया। वहां से गुजर रहे राहगीर ने घायल को टेंपो से सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया। जहां उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं सिपाही कैलाश की मौत की खबर लगते ही सीओ सिटी दिनेश चंद्र ढौंढियाल, सीओ हिमांशु साह, कोतवाल खुशी राम पांडे भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। बाद में शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव को लेकर पिथौरागढ़ रवाना हो गए। सिपाही की पत्नी पुष्पा, बेटा सामर्थ्य और बेटी कनिष्का पिथौरागढ़ में ही रहते हैं।
रात को खाना नहीं खाया
पुलिस के मुताबिक कैलाश पिछले काफी समय से मानसिक रुप से परेशान था। बुआ के यहां रविवार की रात को पहुंचा था। बुआ जानकी ने बताया कि उसने रात को खाना भी नहीं खाया। सुबह भी खाना खाए बिना ही पिथौरागढ़ के लिए निकला था। मानसिक राहत के लिए झाड़ फूंक भी कराई गई थी और उसके विभूति लगाई थी। पुलिस को उसकी जेब से विभूति बरामद हुई है।
कैलाश टावर पर कैसे चढ़ा इसकी होगी जांच
कैलाश पंगरिया बुआ के घर से पिथौरागढ़ जाने के लिए निकला था। वह फतेहपुर में बीएसएनएल टावर पर कैसे चढ़ गया और किस तरह नीचे गिरा, या गिराया गया पुलिस इसकी जांच शुरू करने जा रही है। साथ ही फोन काल डिटेल भी खंगाले जा रहे हैं।
दो भाई पुलिस में और एक है फार्मासिस्ट
कैलाश के तीन भाई और हैं। दो भाई दीपक और पंकज पुलिस फोर्स में ही है। दीपक की तैनाती किच्छा कोतवाली में है जबकि पंकज पिथौरागढ़ में ही तैनात है। सबसे छोटा भाई बंटी फार्मासिस्ट का डिप्लोमा लेने के बाद पिता के साथ काम संभालता है। पिता माधवानंद की पिथौरागढ़ के बाजार में जनरल मर्चेंट की दुकान है।
पुलिस बैच का टॉपर था
कैलाश पंगरिया ने 2002 में पुलिस की नौकरी ज्वाइन की थी। अपने ट्रेनिंग बैच में उसने सभी प्रतिस्पर्धाओं में सर्वोच्च अंक हासिल कर टॉप किया था। दोस्तों के मुताबिक वह बहुत अच्छा पेंटर और खुशमिजाज भी था।
20 साल पहले परिवार आकर बसा है पिथौरागढ़
कैलाश पंगरिया का परिवार मूल रुप से लोहाघाट का रहने वाला है। 20 साल पहले वे लोहाघाट से पिथौरागढ़ आकर बसे। यहां केमू बस स्टेशन के पास पिता माधवानंद की बर्तन की दुकान चल पड़ी तो परिवार यहीं बस गया। कैलाश की ससुराल पिथौरागढ़ के बड्डा गांव में है।