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पहले टक्कर मारी फिर जंगल में छोड़ दिया

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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
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हल्द्वानी। नेपाल निवासी घायल युवक का इलाज कराने की बजाय अज्ञात लोगों ने अमानवीय हरकत कर उसे जंगल में छोड़ दिया। इसके बाद पिता लापता हो गया जबकि घायल पुत्र अपना इलाज कराने की बजाय पिता की तलाश के लिए भटक रहा है।
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जिला बाजुरा नेपाल निवासी डसे कार्की (75) का बेटा वीर बहादुर नैनीताल में किसी वाहन की चपेट में आकर घायल हो गया। पैर में लगी चोट के कारण बहादुर चलने में असमर्थ है। बहादुर ने पुलिस को बताया कि उसके पिता से दिल्ली ले गए लेकिन वहां अस्पताल प्रबंधन ने नैनीताल जिले के अस्पताल से रेफर होने के कागजात मांगे। इसलिए बेटे को लेकर पिता 31 मार्च को हल्द्वानी आ रहे थे। इसी बीच रोडवेज परिसर में मिले कुछ लोग उसके पिता को उठा ले गए। इसके बाद बहादुर को कुछ लोग मिले। पिता के पास नैनीताल छोड़ने के बहाने ले गए और काठगोदाम के जंगल में छोड़कर भाग गए। वह घिसटते हुए रोड तक आया। किसी कार चालक ने उसे नैनीताल छोड़ दिया। उसने साथी मजदूरों को आपबीती सुनाई। बहादुर ने कोतवाली के थानाप्रभारी विक्रम सिंह राठौर से पिता को ढूंढने की गुहार लगाई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आशंका है कि दुर्घटना के आरोपी ने ही साथियों की मदद से नेपाली मजदूरों के साथ अमानवीय हरकत की है।

नेपाल निवासी घायल से अमानवीय हरकत
पिता को रोडवेज से जबरदस्ती ले जाने का आरोप



बुजुर्ग पांच दिनों से लापता
हल्द्वानी। बनभूलपुरा पुलिस पांच दिनों से बुजुर्ग अतीक अहमद उर्फ गुड्डू की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि कब्रिस्तान गेट नईबस्ती निवासी अतीक अहमद 27 मार्च को ट्रेन से हल्द्वानी आए थे। काफी प्रयास के बाद पुलिस को बुजुर्ग के बारे में पता नहीं चल सका है।
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