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कुमाऊं में माओवादियों का वर्चस्व हुआ बौना

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हल्द्वानी। जौलासाल रेंज में असलहा बनाने की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद वन विभाग हरकत में आया है। हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ डॉ. चंद्रशेखर सनवाल ने एसडीओ और रेंजर से स्पष्टीकरण मांगा है। यह भी कहा है कि अब गश्त में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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सनवाल ने मंगलवार को तिकोनिया स्थित दफ्तर में एसडीओ आनंद चंद्र आर्य और रेंजर विनय त्रिपाठी की बैठक ली। उन्होंने पूरी घटना के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि घटना का जल्द खुलासा होना चाहिए। ट्रैपिंग कैमरे में कैद दो संदिग्धों की गिरफ्तारी को मुखबिरों का नेटवर्क सक्रिय किया जाए। सनवाल ने चेतावनी दी कि वॉचर, आरक्षी और दरोगा दफ्तर में न बैठें। जंगलों में निकले और चप्पे-चप्पे पर निगरानी करे।

पुलिस से जांच में ली जाएगी मदद
हल्द्वानी। डीएफओ सनवाल ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पुलिस की मदद ली जाएगी। घटना के संदिग्धों की तस्वीरें, समूचा विवरण पुलिस को सौंप कर खुलासे की कोशिश की जाएगी। इस बाबत पुलिस अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
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चौफुटिया के जंगलों में माओवादियों को खोजेगी पुलिस
हल्द्वानी। असलहों की फैक्ट्री मिलने को माओवादियों की सक्रियता मान पुलिस सतर्क हो गई है। अब चंपावत जिले में आने वाले चौफुटिया के जंगलों में काबिंग का निर्णय लिया गया है। रुद्रपुर और नैनीताल पुलिस हंसपुर खत्ता सहित अन्य स्थानों में काबिंग कर रही है। हालांकि पुलिस का दावा है कि काफी समय से माओवादियों की संख्या पहाड़ में कम हो रही है।
रेंज कार्यालय के अनुसार माओवादियों का सरगना प्रशांत राही नागपुर जेल, देवेंद्र चम्याल और भगवती भोज नैनीताल जिले की जेलों में बंद हैं। माओवादी 50 हजार का इनामी खीम सिंह बोरा और पांच हजार का इनामी भास्कर पांडे फरार चल रहे हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। चंद्रकला, गोपाल भट्ट, दिनेश पांडे सहित चार लोग जमानत पर हैं। अदालत के निर्णय के बाद 12 आरोपी रिहा किए गए। चार आरोपियों की मौत हो चुकी है। आईजी रेंज पूरन सिंह रावत ने बताया कि पहाड़ पर माओवादियों की कोशिश के बाद समर्थक नहीं बढ़ पाए। जेल में बंद देवेंद्र चम्याल ने स्वीकार किया था कि यहां सदस्यों की संख्या बढ़ाना मुश्किल हो गया है। अब संगठन को पैर पसारने के लिए कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है।
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