हल्द्वानी। पुलिस अधिकारियों को जिन नशीले इंजेक्शन और दवाओं की तलाश थी वे नहीं मिल सकीं। जांच के दौरान लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन के गंभीर मामले प्रकाश में आए हैं। पुलिस का कहना है कि दुकान में कुछ ऐसी सिरप मौजूद थीं जिनका इस्तेमाल नशेड़ी करते हैं।
सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने बताया कि दवा की दुकानों में लाइसेंस डिस्प्ले होना चाहिए लेकिन किसी दुकानदार ने इस शर्त का पालन नहीं किया था। पुलिस को शिकायतें मिली थीं कि इन दुकानों से नशेड़ी इंजेक्शन खरीदते हैं लेकिन वे पकड़ में नहीं आए। औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट ने बताया कि सभी दुकानदारों ने रसीदें पूछने पर बताया कि उन्होंने जीएसटी के वकील के पास भेजा है। इसी कारण उनको स्पष्टीकरण के लिए समय दिया गया है। स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।