हल्द्वानी। मंडी से पुलिस ने दो स्मैक तस्करों को गिरफ्तार किया है दोनों के पास से 8.80 ग्राम स्मैक और 290 सिल्वर पेपर बरामद हुआ है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब गिरोह के सरगना को ढूंढने की कोशिश की जा रही है।
मंडी चौकी पुलिस को ट्रांसपोर्ट नगर से सटे अनाज मंडी इलाके में स्मैक तस्करी की घटनाएं बढ़ गई। इस पर मंडी चौकी प्रभारी दिनेश नाथ महंत ने तस्करों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। 22 जुलाई की देर रात मंडी में माल देने आए नशे के दो सौदागरों को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम अमन सिद्दीकी निवासी बनभूलपुरा और परवेज निवासी मीरगंज बरेली, हाल निवासी बनभूलपुरा बताया। अमन के पास से 5.60 ग्राम स्मैक सिल्वर पेपर के 150 टुकड़े और परवेज के पास से 3.20 ग्राम स्मैक सिल्वर पेपर के 140 टुकड़े बरामद हुए हैं। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह 200 से 300 रुपये में एक पुड़िया बेचते हैं। कोतवाल केआर पांडे ने बताया कि दोनों के खिलाफ एनडीपीएस में केस दर्ज कर लिया गया है, दोनों को रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया गया है।
मकान मालिक ने कहा तो पेंटर से बन गया तस्कर
हल्द्वानी। परवेज ने बताया कि वह रंगाई-पुताई और भाड़े पर टेंपो चलाकर जीवन यापन करता है। मकान मालिक ने कहा कि उसकी पुड़िया को बेच आओ। इससे रोजना चार सौ पांच सौ की कमाई होगी। पुड़िया की बाजार में जबरदस्त मांग है, बस युवकों को एक पुड़िया देकर दो-तीन सौ रुपये लेने हैं।
मकान मालिक को क्यों बचा गई पुलिस
हल्द्वानी। एक तस्कर ने बताया कि वह मकान मालिक के झांसे में आकर स्मैक की तस्करी करने लगा। बावजूद इसके पुलिस ने मुकदमे में मकान मालिक को नामजद नहीं किया। न ही पकड़ने की दबिश दी गई।
अभी हाफिज ही कर रहा है तस्करी
हल्द्वानी। तस्करों ने खुलासा किया है कि सिर्फ हल्द्वानी ही नहीं आसपास के क्षेत्रों में भी बहेड़ी का हाफिज स्मैक की तस्करी करता है। उसकी जड़े काफी गहरी हैं जिसकी वजह से वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाता है। वहीं पुलिस ये मान कर चल रही थी कि हाल ही में की गई कार्रवाई के बाद हाफिज अंडरग्राउंड हो गया जो सिर्फ एक भ्रम निकला।
थोड़ी सक्रिय हुई पुलिस तो 21 गिरफ्तार
हल्द्वानी। जिला पुलिस स्मैक, चरस, अफीम गांजा जैसे नशे के खिलाफ हल्की सक्रिय हुई तो 21 तस्कर गिरफ्तार हो गए। पिछले तीन-चार महीने में चलाए अभियान में ही 115 ग्राम स्मैक, 600 ग्राम चरस, 1.570 किलो अफीम बरामद हुई। अगर पुलिस शिकंजा कस दे तो नशे के कारोबार की रीढ़ तोड़ी जा सकती है।