हल्द्वानी। पूनम हत्याकांड में पुलिस की जांच सवालों के घेरे में आ गई है। अब तक डकैती के लिए हत्या बताने वाली पुलिस को चार दिन बाद सुराग ढूंढ़ने के दौरान पूनम के घर की सीढ़ियों के स्लैब से 64 हजार नगदी और जेवर बरामद हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर पुलिस ने पहले दिन आठ घंटे तक किस तरह जांच की थी। चर्चा है कि यह माल पुलिस को घर की छत से तब बरामद हुआ है, जब एक खुफिया विभाग के अफसर जांच को पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि एसओजी और एसटीएफ की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद 30 अगस्त की रात छत की तरफ जाने वाली सीढ़ियों पर बने स्लैब पर जूते के डिब्बे के अंदर 64 हजार रुपये बरामद हुए हैं। जबकि हत्या के बाद नगदी और जेवर लूटने की बात कही जा रही थी। बड़ी बात यह है कि अगर घटनास्थल से ही नगदी और जेवर बरामद हुए हैं तो पुलिस की जांच में यह चीजें पहले क्यों नहीं सामने आई थीं। घटना के बाद खुफिया विभाग और पुलिस की टीमों ने लक्ष्मीदत्त पांडे की छत से लेकर फर्श तक का मुआयना किया था। डाग स्क्वायड से भी जांच कराई गई थी। पुलिस ने टीपीनगर क्षेत्र के रामपुर रोड हरिपुर जमन सिंह गांव के रास्ते के किनारे जंगल में लावारिस हालत में स्कूटी बरामद करने का भी दावा किया है। जांच के बाद पता चला कि बरामद स्कूटी यूके 04 एए-0175 लक्ष्मीदत्त पांडे की है।
पुलिस की जांच सवालों में, आठ घंटे तक पहली जांच में पुलिस क्या देखती रही
पूनम की स्कूटी भी बरामद
....तो रंजिशन किया गया कत्ल!
हल्द्वानी। पूनम हत्याकांड में नगदी और जेवर बरामद होने के बाद अब स्पष्ट हो गया है कि हत्यारों का मकसद सिर्फ पूनम और उसकी बेटी की हत्या करना था। संयोग था कि बेटी बच गई। अंदाजा लगाया जा रहा है कि पूनम की हत्या रंजिशन की गई है।
पुलिस और गांव के लोगों का मानना है कि कातिलों ने घटना को अंजाम देने के लिए पहले से रेकी की थी। उनको पता था कि पूनम पांडे के पति लक्ष्मीदत्त मां को लेकर अस्पताल में हैं। घर का मुख्य दरवाजा बंद होने के बावजूद अंदर हाथ डालकर खोला जा सकता है। कातिल पूनम की हत्या करने के साथ उसकी बेटी अर्शा को मरा समझकर छोड़ गए थे। कयास लगाया जा रहा है कि सुरक्षा के लिए बदमाश लाइसेंस बंदूक के साथ पांच कारतूस ले गए थे। स्कूटी सिर्फ भागने के लिए बदमाशों ने इस्तेमाल की थी। घटना के बाद सिर्फ एक सीसीटीवी में सफेद रंग के हेलमेटधारी का फुटेज सामने आया था। अब पुलिस घर के भेदिए को तलाशने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों को सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से दो नाम सामने आए हैं। दोनों की लोकेशन प्रदेश से बाहर दिल्ली के आसपास मिली है। पुलिस इसी आधार पर दो लोगों की तलाश कर रही है। दोनों संदिग्ध स्थानीय बताए जा रहे हैं।
अर्शा की हालत में सुधार
कृष्णा अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. हरभजन सिंह ने बताया कि घायल अर्शा की हालत में सुधार हुआ है। ब्रेन सही ढंग से काम कर रहा है लेकिन मुंह पर चोट के चलते अभी वह बयान देने की स्थिति में नहीं है।