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बीटेक छात्रा के अपहरण मामले में धारा 370 बढ़ाने की तैयारी

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हल्द्वानी। बीटेक छात्रा के अपहरण के मामले में पुलिस अब धर्मांतरण और निकाह का फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के आरोपी गवाहों और काजी अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं। फर्जी कागजात तैयार करने में वकील भी गिरफ्त में आएंगे। इधर पुलिस आरोपियों के खिलाफ धारा 370 बढ़ाने पर विचार कर रही है।
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काठगोदाम क्षेत्र की रहने वाली बीटेक की छात्रा का 18 अप्रैल को रास्ते से अपहरण किया गया। इस मामले में छात्रा के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने ब्यूटी पार्लर संचालिका महक खान और उसके बेटे दानिश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

छात्रा ने इस मामले में मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज कराया। जांच के दौरान दानिश द्वारा छात्रा का धर्मांतरण और निकाहनामे का कागजात प्रस्तुत किया। जांच के दौरान दोनों कागजात फर्जी पाए गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 467, 468, 469, 471 और 120 बी के तहत धाराएं बढ़ाईं। इस मामले में दानिश की तरफ से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने छात्रा को माता पिता के साथ स्वतंत्र रुप से रहने के निर्देश दिए।
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इधर फर्जी अभिलेख बनाने में आरोपी काजी नियामतुल्लाह, दो गवाह पूर्वी दिल्ली चौहान बंगर निवासी मोहम्मद जुनैद और सीलमपुर दिल्ली निवासी मोहम्मद शाहिद सैफी के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। तीनों अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं। पुलिस धारा 370 यानी किसी को बहकाकर बेचने की धारा बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस मामले में विशेषज्ञों से राय ली जा रही है।
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थानाध्यक्ष कमाल हसन का कहना है कि विवेचना में फर्जी कागजात तैयार करने में वकील भी गिरफ्त में आ सकते हैं।


छात्रा अपहरण कांड में वकील भी लपेटे में आएंगे
फर्जी कागजात बनाने के आरोपी वारंटी काजी सहित तीन की तलाश
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