हल्द्वानी। कागजों में अवैध खनन रोकने को कई नियम बने है, वन और वन निगम की कर्मियों की तैनाती है, लेकिन नियम और गश्त सिर्फ कागजों में ही है। गौला में सीमांकन एरिया के बाहर खनिज निकलना प्रतिबंधित है, बावजूद इसके खनिज निकाला जा रहा है। काठगोदाम से लेकर शांतिपुरी गेट तक जमकर मनमानी हो रही है। यह अंधेरगर्दी वन विभाग, वन निगम के कुछ कर्मियों की शह पर हो रही है, इसका खुलाया आए दिन ऑडियो-वीडियो के वायरल होने पर हो रहा है।
गौला में 11 गेटों के माध्यम से 54.25 लाख घनमीटर खनन का लक्ष्य निर्धारित है। गौला में करीब सात हजार वाहन रेत-बजरी ढोने के लिए पंजीकृत हैं। नियमानुसार नदी के दोनों किनारों से 25 मीटर छोड़कर नदी के बीच के 50 प्रतिशत हिस्से पर खनन किया जाता है, लेकिन शीशमहल गेट से अंदर खनन माफिया ने पिलर के बाहर भी नदी खोद डाली है, जबकि इस गेट के रास्ते पर वन निगम के कर्मचारी मौजूद रहते हैं। काफी दूर तक पिलर के आसपास अवैध खनन किया गया है।
कागजों में चल रही गश्त और नियम
काहे का सीमांकन, काहे की चौकसी
जमकर हो रही खनिज की लूट, गौला में अवैध खनन करने वाले सक्रिय
इस कारण खोद रहे किनारा
बताया जा रहा है कि इस वर्ष बारिश कम हुई है। इस कारण गौला नदी में माल भी कम आया है। नदी के बीच में खनन लगातार होने से अच्छी किस्म के रेत की कमी बन गई है, जबकि किनारे पर अच्छी किस्म की रेत-बजरी है। इस कारण खनन माफिया के निशाने पर नदी का किनारा है, जबकि किनारों पर नियमानुसार खनन प्रतिबंधित है। वन निगम के अधिकारियों का दावा है कि जानकारी के अभाव में बुग्गी वाले नदी के किनारों पर खनन कर लेते हैं, लेकिन नदी के किनारे जो निशान हैं, वह बुग्गी के बजाय बड़े वाहनों के हैं।
जगह-जगह मिल जाएंगे अवैध स्टॉक
वन विभाग और वन निगम अवैध खनन रोकने के चाहे जितने दावे कर लें, लेकिन सच्चाई यह है कि गौला में चारों तरफ अवैध खनन हो रहा है। रानीबाग में नदी के किनारे रेत स्टॉक कर रखी गई थी। इसके अलावा नैनीताल रोड पर ही सड़क के किनारे कई जगह रेत के अवैध स्टॉक मिले। राजपुरा, शनि बाजार गेट, इंदिरा नगर आदि क्षेत्रों में भी खनन सामग्री स्टॉक कर रखी गई थी।
सड़क किनारे स्टॉक पर भी नहीं पड़ती अफसरों की नजर
शहर में कई स्थानों पर रेत का अवैध स्टॉक रखा गया है, लेकिन वन विभाग और वन निगम के अधिकारियों की नजर इस पर नहीं पड़ती है। इस कारण खनन माफिया खुलेआम स्टॉक भी रख रहे हैं।
बुग्गी वाले गेट से पिकअप से भी ढो रहे रेत
गौला नदी में बुग्गी के लिए आरक्षित गेट से पिकअप वाहनों को भी अवैध खनन के लिए प्रवेश मिल रहा है। वन विभाग के कर्मचारी इस गेट से प्रतिदिन करीब 20 वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है। इन वाहनों से विभाग के कर्मचारियों को मोटी कमाई होती है। हाल ही में वायरल वीडियो में एक वनकर्मी बुग्गी वाले गेट पर पिकअप वाहनों के लिए पैसे लेता दिख रहा है।
पुल को भी नहीं छोड़ा
काठगोदाम को गौला पार को जोड़ने वाले पुल को भी खनन माफिया नहीं छोड़ रहे। नियमानुसार पुलों के आधा किमी के दायरे पर अवैध खनन प्रतिबंधित है, लेकिन काठगोदाम में गौला नदी पर बने पुल के 50 मीटर के दायरे पर ही खनन किया गया है। यहां से बुग्गी वाले रेत उठा कर ले जा रहे हैं।
नदी के किनारे घोड़ा बुग्गी वाले खनन कर रहे हैं। समय-समय पर इनके खिलाफ कार्रवाई कर जुर्माना लगाया जाता है। इनको नदी किनारों पर खनन नहीं करने की चेतावनी दी जा रही है। -केएस रावत, डीएलएम, हल्द्वानी गौला